नई दिल्ली। तुर्की (Türkiye) में आए भूकंप (Earthquake) के बाद आसमान में दिखाई दी रहस्यमयी रोशनी (mysterious light) ने लोगों को हैरान कर दिया। कई लोगों ने इन चमकते गोलों को ‘जिन्न’ या यूएफओ समझ लिया, लेकिन वैज्ञानिकों ने इसे एक दुर्लभ प्राकृतिक घटना बताया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, हाल ही में आए 4.2 तीव्रता के भूकंप के तुरंत बाद आसमान में चमकते हुए गोले और तैरती रोशनी दिखाई दी। इस अनोखे दृश्य ने सोशल मीडिया पर भी चर्चा छेड़ दी। शुरुआत में इसे अज्ञात उड़ने वाली वस्तु माना गया, लेकिन बाद में वैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया कि यह घटना भूकंप से जुड़ी प्राकृतिक प्रक्रिया का हिस्सा हो सकती है।
विज्ञान की भाषा में इस घटना को अर्थक्वेक लाइट्स कहा जाता है। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के अनुसार, ये रोशनी बिजली की चमक, चमकते गोले या आकाश में तैरती धारियों के रूप में दिखाई दे सकती हैं। लंबे समय तक इन्हें अंधविश्वास माना जाता था, लेकिन अब वैज्ञानिक मानते हैं कि भूकंप के दौरान ऐसा होना संभव है।
यूरोपीय जियोसाइंसेज यूनियन में पेश शोध के अनुसार, जब जमीन के अंदर टेक्टोनिक प्लेट्स पर दबाव बढ़ता है, तो धरती की परत से विद्युत आवेशित कण निकलते हैं। ये कण हवा को आयनित कर देते हैं, जिससे आसमान में प्लाज्मा जैसी चमक पैदा होती है, जो चमकते गोलों या रोशनी के रूप में दिखती है।
नासा इन घटनाओं पर सैटेलाइट सेंसर के जरिए नजर रख रही है। वैज्ञानिकों के अनुसार भूकंप के दौरान जमीन और वायुमंडल के बीच मजबूत विद्युत क्षेत्र बनता है, जिसे एनर्जेटिक कपलिंग कहा जाता है। यही प्रक्रिया आसमान में रहस्यमयी रोशनी का कारण बनती है।
आंकड़ों के अनुसार लगभग 97% मामलों में ये रोशनी उन क्षेत्रों में दिखाई देती है जहां फॉल्ट लाइन मौजूद होती है। ये स्थान जमीन के भीतर से ऊपर तक विद्युत डिस्चार्ज के लिए रास्ता बनाते हैं।
वैज्ञानिकों का कहना है कि यह घटना भले ही डरावनी लगे, लेकिन यह प्राकृतिक भू-वैज्ञानिक प्रक्रिया का हिस्सा है, न कि किसी अलौकिक शक्ति का संकेत।
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