वॉशिंगटन। अरबपति कारोबारी एलन मस्क (Elon Musk) को अमेरिकी अदालत (U.S. Courts) से बड़ा कानूनी झटका लगा है। कैलिफोर्निया के ऑकलैंड स्थित फेडरल कोर्ट ने एआई कंपनी (OpenAI) और उसके शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ दायर मस्क के मुकदमे को खारिज कर दिया। मस्क ने आरोप लगाया था कि कंपनी ने मानवता की भलाई के उद्देश्य से शुरू हुई अपनी मूल सोच से भटककर मुनाफा कमाने वाली संस्था का रूप ले लिया है।
तीन सप्ताह तक चली सुनवाई के बाद नौ सदस्यीय जूरी ने फैसला सुनाया। जूरी ने माना कि मस्क ने कानूनी कार्रवाई करने में काफी देर कर दी और निर्धारित समय सीमा के बाद मुकदमा दायर किया गया। इसके बाद जज यवोन गोंजालेज रोजर्स ने जूरी के फैसले को अंतिम आदेश के तौर पर स्वीकार करते हुए मस्क की याचिका खारिज कर दी।
हालांकि मस्क की कानूनी टीम ने साफ कर दिया है कि मामला यहीं खत्म नहीं होगा। मस्क के वकील स्टीवन मोलो ने कहा कि वे इस फैसले के खिलाफ अपील करेंगे और कानूनी लड़ाई जारी रखेंगे।
यह विवाद OpenAI की स्थापना से जुड़ा हुआ है। साल 2015 में Elon Musk ने कंपनी की सह-स्थापना की थी और शुरुआती दौर में करीब 3.8 करोड़ डॉलर का निवेश भी किया था। मस्क का आरोप है कि कंपनी के सीईओ Sam Altman और सह-संस्थापक Greg Brockman ने कंपनी को गैर-लाभकारी मॉडल से हटाकर व्यावसायिक संस्था बना दिया।
सुनवाई के दौरान ग्रेग ब्रॉकमैन ने अदालत में बताया कि कंपनी में उनकी हिस्सेदारी अब करीब 30 अरब डॉलर की है। वहीं, Sam Altman और कंपनी की ओर से दलील दी गई कि ओपनएआई को हमेशा गैर-लाभकारी संस्था बनाए रखने का कोई बाध्यकारी समझौता कभी नहीं हुआ था।
अदालत में कंपनी के वकीलों ने मस्क के आरोपों को पूरी तरह खारिज किया। OpenAI का कहना था कि यह मुकदमा कारोबारी प्रतिस्पर्धा का हिस्सा है। कंपनी के मुताबिक, मस्क ओपनएआई पर ज्यादा नियंत्रण चाहते थे और ऐसा नहीं होने पर उन्होंने कानूनी रास्ता अपनाया।
कंपनी ने यह भी कहा कि मस्क अपनी एआई कंपनी xAI को बढ़त दिलाने की कोशिश कर रहे हैं। मस्क ने साल 2023 में xAI की शुरुआत की थी, जिसे ओपनएआई का प्रतिद्वंद्वी माना जाता है।
सुनवाई के दौरान Sam Altman ने कहा कि शुरुआती दिनों में वह मस्क का काफी सम्मान करते थे, लेकिन बाद में उन्होंने कंपनी को मुश्किल हालात में छोड़ दिया। ऑल्टमैन ने कहा कि एजीआई यानी आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस जैसी शक्तिशाली तकनीक किसी एक व्यक्ति के नियंत्रण में नहीं होनी चाहिए।
इस मामले में निवेशक साझेदार Microsoft ने भी अदालत के फैसले का स्वागत किया और ओपनएआई के साथ अपने सहयोग को जारी रखने की बात कही।
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