
जबलपुर। नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों की टीम ने एक बड़ी चिकित्सा सफलता हासिल करते हुए 10 वर्षीय थैलेसीमिया (पेसारो क्लास, अत्यधिक उच्च जोखिम) से पीडि़त बच्चे को सफलतापूर्वक स्वस्थ कर डिस्चार्ज किया है। यह उपलब्धि न केवल संस्थान के लिए बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है, क्योंकि इतने जटिल केस का सफल इलाज शासकीय मेडिकल कॉलेज में किया गया है।
गंभीर हालत में पहुंचा था बच्चा
जानकारी के अनुसार, यह बच्चा पिछले वर्ष अत्यधिक फेरिटिन स्तर और गंभीर हेपाटोस्प्लेनोमेगाली (जिगर और प्लीहा का बढऩा) की स्थिति में मेडिकल कॉलेज पहुंचा था। मरीज की हालत काफी नाजुक थी, जिसे देखते हुए डॉक्टरों ने तत्काल उपचार शुरू किया।
हाइपर ट्रांसफ्यूजन और चेलेशन थेरेपी के माध्यम से किया नियंत्रण
प्रारंभिक चरण में डॉक्टरों ने हाइपरट्रांसफ्यूजन और चेलेशन थेरेपी के माध्यम से मरीज की स्थिति को नियंत्रित किया। इसके बाद 3 मार्च 2026 को बच्चे का बोन मैरो ट्रांसप्लांट किया गया, जिसमें उसकी बड़ी बहन ने मैच्ड सिबलिंग डोनर के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
14वें दिन हुआ सफल एंग्राफ्टमेंट
ट्रांसप्लांट के बाद मरीज का एंग्राफ्टमेंट 14वें दिन सफलतापूर्वक हो गया। उपचार के दौरान केवल हल्का से मध्यम स्तर का वीओडी (वेनो-ऑक्लूसिव डिजीज) सामने आया, जिसे डॉक्टरों ने सपोर्टिव केयर के जरिए नियंत्रित कर लिया। वर्तमान में बच्चा पूरी तरह स्वस्थ है और अब उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
पूरी टीम के प्रयास से मिली सफलता
इस सफलता के पीछे मेडिकल कॉलेज की पूरी टीम का सामूहिक प्रयास रहा। डीन डॉ. नवनीत सक्सेना, अधीक्षक डॉ. अरविंद शर्मा, स्ष्टढ्ढ अधीक्षक डॉ. लक्ष्मी सिंगोटिया, उप अधीक्षक डॉ. ऋचा शर्मा, पीडियाट्रिक्स विभाग की प्रमुख डॉ. मोनिका लाजरस सहित रेजिडेंट डॉक्टरों डॉ. पलाश, डॉ. काव्या, डॉ. ललिता और डॉ. चेस्टा ने इस जटिल प्रक्रिया को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस दौरान बीएमटी यूनिट के नर्सिंग और सपोर्ट स्टाफ का विशेष योगदान भी सराहनीय रहा।
6 महीनों में 9वां सफल ट्रांसप्लांट
इसके अतिरिक्त डॉ. नरेंद्र पटेल और डॉ. मीना सिंह ने लाइन इंसर्शन में सहयोग दिया, जबकि डॉ. बीएस यादव ने ब्लड सपोर्ट प्रदान किया। उल्लेखनीय है कि पिछले 6 महीनों में यह संस्थान का 9वां सफल बोन मैरो ट्रांसप्लांट है, जो यहां की चिकित्सा सेवाओं के निरंतर उन्नयन को दर्शाता है।
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