
बालाघाट। आज के दौर में शादियां लग्जरी कारों, डीजे, हाई-टेक डेकोरेशन और हेलीकॉप्टर तक पहुंच गई है। वहीं, मध्य प्रदेश के बालाघाट के कटंगी क्षेत्र के सेलवा गांव में एक ऐसी तस्वीर देखने को मिली जिसने ना केवल पुरानी यादों को ताजा कर दिया, बल्कि आधुनिकता की चकाचौंध के बीच सनातन परंपरा की झलक दिखा दी। यहां दूल्हे की बारात बैलगाड़ी पर निकली। आधुनिकता से परे देशमुख परिवार की ये बारात क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई है।
बता दें कि सजे-धजे बैलों के गले में बंधे घुंघरू की खनक के साथ बैलगाड़ी में मुख्य आकर्षण दूल्हा अंकित देशमुख रहे। आधुनिक गाड़ियों को दरकिनार कर अंकित ने अपनी परंपराओं को मान दिया और पारंपरिक अंदाज में बैलगाड़ी में सवार होकर अपनी लगुन की रस्म पूरी करने सिताखोह के लिए रवाना हुए। उनके साथ बारातियों का काफिला भी पारंपरिक ‘खाचर’ और सजी-धजी बैलगाड़ियों में सवार होकर निकला।
बैलों के गले में बंधे घुंघरू और घंटियों की खनक पुरानी ग्रामीण संस्कृति की याद दिला रही थी। इस भव्य आयोजन से पहले घर पर लगुन समारोह के पारंपरिक नेग-दस्तूर पूरी श्रद्धा के साथ निभाए गए। इस बारात में उत्साह का संचार करने के लिए सिंग दरबान और पिलगेर बाजा पार्टी/धपली ने भी खूब समा बांधा।
नाचते-गाते बारातियों की खुशी देखते ही बन रही थी। आयोजन का एक और मुख्य केंद्र आकर्षण ‘पारंपरिक घोड़े का नृत्य’ रहा, जिसे बांस और रंगीन कपड़ों से तैयार किया गया था। इस लोक कला को देख बड़े-बुजुर्ग जहां भावुक हो उठे, वहीं युवा पीढ़ी ने भी इसे बड़े चाव से देखा। क्षेत्र में यह बारात बहुत चर्चा में है। अब वीडियो भी वायरल होने लगा है।
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