
अलाप्पुझा। केरल में एक 19 वर्षीय महिला पेट दर्द की शिकायत लेकर स्पताल में पहुंची। लेकिन उसने शौचालय में बच्चे को जन्म दिया और कथित तौर पर बच्चें को खिड़की से बाहर फेंक दिया। यह जानकारी पुलिस ने मंगलवार को दी। उन्होंने बताया कि घटना की सूचना मंगलवार सुबह हरिपाद सरकारी अस्पताल से मिली।
कथित तौर पर अविवाहित महिला ने बच्चे को जन्म देने के तुरंत बाद उसे शौचालय के बाहर फेंक दिया। बच्चें के रोने की आवाज सुनकर अस्पताल के कर्मचारियों ने नवजात शिशु को एक ऐसे क्षेत्र में देखा, जहां कथित तौर पर आवारा कुत्ते घूम रहे थे, जिसके बाद तुरंत बचाव अभियान चलाया गया। अस्पताल अधिकारियों ने बताया कि रात्रिकालीन ड्यूटी पर तैनात चिकित्सा दल के समय पर हस्तक्षेप से बच्चे की जान बचाने में मदद मिली।
डॉक्टर ने बताया कि महिला पेट दर्द के इलाज के लिए अस्पताल आई थी, लेकिन उसने शारीरिक जांच कराने से इनकार कर दिया। डॉक्टर ने कहा कि इससे महिला के गर्भवती होने का संदेह पैदा हुआ। निगरानी के दौरान महिला को कई बार शौचालय जाते हुए देखा गया। डॉक्टरों ने बताया कि शौचालय में प्रवेश करने के कुछ ही क्षण बाद उन्हें एक हल्की सी रोने की आवाज सुनाई दी। उन्हें शक हुआ और उन्होंने कर्मचारियों को सूचना दी। तलाशी अभियान के दौरान उन्हें नवजात शिशु मिला। डॉक्टरों ने बताया कि थोड़ी सी भी देरी बच्चे की जान को खतरे में डाल सकती थी।
बच्चा एक ऐसे इलाके में गिर गया था जहां आवारा कुत्ते मौजूद थे। मां और बच्चे दोनों को अलाप्पुझा के सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आईसीयू में इलाज करा रहे नवजात शिशु की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
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