
नई दिल्ली । पंजाब (Punjab) में निकाय चुनाव (Municipal Elections) के लिए मतदान (Voting) के बीच राजनीतिक माहौल लगातार गर्माता जा रहा है। राज्य के 103 निकायों में जारी मतदान प्रक्रिया के दौरान कई स्थानों से झड़प, हमले और विवाद (Controversy) की खबरें सामने आई हैं। एक ओर मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें दिखाई दीं, वहीं दूसरी ओर कई राजनीतिक दलों ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप भी लगाए। कांग्रेस (Congress) प्रत्याशी पर कथित हमले की घटना के बाद सियासी बयानबाजी और तेज हो गई
मतदान के बीच बढ़ा सियासी तनाव
राज्य में आठ नगर निगम, 75 नगर काउंसिल और 20 नगर पंचायतों के लिए मतदान कराया जा रहा है। कुल 1896 वार्डों में मतदाता अपने प्रतिनिधियों के चयन के लिए मतदान कर रहे हैं। चुनावी मुकाबले में हजारों उम्मीदवार मैदान में हैं और विभिन्न राजनीतिक दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। सुबह से ही कई इलाकों में मतदान केंद्रों पर लोगों की लंबी कतारें देखी गईं और मतदान ने धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ी।
हालांकि मतदान प्रक्रिया के दौरान कुछ क्षेत्रों से तनावपूर्ण घटनाओं की जानकारी भी सामने आई। कई जगहों पर राजनीतिक समर्थकों के बीच तीखी बहस और झड़प की स्थिति बनी, जिसके बाद पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।
कांग्रेस प्रत्याशी पर हमले के बाद बढ़ी सियासत
लुधियाना के रायकोट क्षेत्र में कांग्रेस उम्मीदवार जगदेव सिंह जग्गा पर कथित हमले की घटना ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया। इस घटना के बाद कांग्रेस नेताओं ने कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए। पार्टी नेतृत्व ने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया के दौरान उम्मीदवारों की सुरक्षा तक सुनिश्चित नहीं की जा रही है।
घटना के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखी गई और राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई। नेताओं ने आरोपियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की। वहीं दूसरी ओर विरोधी पक्ष ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इन्हें राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का हिस्सा बताया।
कई इलाकों से झड़प और विवाद की खबरें
राज्य के विभिन्न हिस्सों से बूथ कैप्चरिंग के आरोप, मतदान केंद्रों पर विवाद और समर्थकों के बीच झड़प की खबरें सामने आईं। कुछ स्थानों पर मतदाताओं को मतदान केंद्र तक पहुंचने से रोकने के आरोप लगाए गए, जबकि कुछ जगहों पर राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बनी।
मुक्तसर, मोगा और अन्य क्षेत्रों में राजनीतिक दलों के समर्थकों के बीच कहासुनी और टकराव की घटनाओं ने प्रशासन की चुनौती बढ़ा दी। हालांकि पुलिस और चुनाव अधिकारियों ने समय रहते हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित करने का दावा किया है।
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जारी मतदान
चुनाव आयोग ने इस बार सुरक्षा को लेकर विशेष इंतजाम किए हैं। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। मतदान केंद्रों के भीतर और बाहर वीडियोग्राफी की व्यवस्था की गई है ताकि किसी भी विवाद या शिकायत की स्थिति में रिकॉर्ड उपलब्ध रहे।
राज्य में लाखों मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं और चुनावी प्रक्रिया शाम तक जारी रहने की संभावना है। अब सभी की नजर मतदान प्रतिशत और आने वाले परिणामों पर टिकी हुई है, जो पंजाब की स्थानीय राजनीति की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
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