
जबलपुर। जिला प्रशासन द्वारा छात्रों और अभिभावकों को रियायती दरों पर निजी स्कूलों की पाठ्यपुस्तकें, यूनिफार्म और सभी शैक्षिक सामग्री उपलब्ध कराने शहर के हृदय स्थल गोलबाजार स्थित शहीद स्मारक प्रांगण में आयोजित किये गये बारह दिनों के पुस्तक मेला का आज रविवार को भव्य समापन हुआ। पुस्तक मेला के समापन समारोह के मुख्य अथिति सांसद आशीष दुबे थे। सांसद ने इस अवसर पर अपने संबोधन में पुस्तक मेला के आयोजन को निरंतरता प्रदान करने के लिये जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग की सराहना की।
जबलपुर नवाचारों की जननी
पुस्तक मेला के समापन समारोह को संबोधित करते हुये सांसद श्री आशीष दुबे ने संस्कारधानी जबलपुर को नवाचारों की जननी बताया। उन्होंने कहा कि इस शहर ने हमेशा समाज, प्रदेश और देश को नई दिशा दी है। पुस्तक मेला ऐसा ही एक अभिनव पहल है, जिसकी शुरुआत अभिभावकों पर निजी स्कूलों की महंगी कॉपी किताबों के पडऩे वाले आर्थिक भार को कम करने के लिये वर्ष 2024 में की गई थी। जबलपुर के इस नवाचार की न केवल प्रदेश के सभी जिलों ने अपनाया, बल्कि देश भर में इसे काफी सराहना मिली। सांसद ने कहा कि पुस्तक मेला एक ही स्थान पर सभी स्कूलों की पाठ्यपुस्तकें, यूनिफार्म, कॉपियां, स्कूल बैग, टिफिन बॉक्स जैसी शैक्षणिक सामग्री न्यूनतम और प्रतिस्पर्धी दरों पर छात्रों एवं उनके अभिभावकों को उपलब्ध कराने में कामयाब रहा है। उन्होंने पुस्तक मेला की साल दर साल बढ़ रही भव्यता की सराहना भी की। श्री दुबे ने पुस्तक मेला में लगाये गये बुक बैंक स्टाल और रीड ऑन रेंट जैसे नवाचारों की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि बुक बैंक स्टाल के माध्यम से नाम मात्र के शुल्क पर उपलब्ध कराई जा रही पाठ्यपुस्तकों से ऐसे बच्चों को भी अच्छी शिक्षा हासिल करने में मदद मिलेगी जिनके अभिभावकों के आर्थिक संसाधन सीमित हैं।
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