
नई दिल्ली। ईरान और अमेरिका (Iran and United States) के बीच 40 दिनों के बाद सीजफायर (Ceasefire) पर आखिरकार सहमती बन गई है। बुधवार को ट्रंप की डेडलाइन से पहले ईरान ने 10 सूत्रीय योजना की पेशकश की, जिस पर अमेरिका राजी हो गया। सीजफायर समझौते में एक बिंदु यह भी है कि युद्धविराम तभी होगा जब होर्मुज स्ट्रेट को पहले की तरह खोल दिया जाएगा।
इन सबके बीच ईरानी नौसेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास मौजूद जहाजों को चेतावनी जारी की है। IRGC ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य पार करने के लिए उन्हें अभी भी ईरान की अनुमति की जरूरत लेनी पड़ेगी। वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी नौसेना ने रेडियो के जरिए जाहाजों को चेतावनी दी कि बिना अनुमति के गुज़रने की कोशिश करने वाले किसी भी जहाज को नष्ट कर दिया जाएगा।
होर्मुज पर ईरान की धमकी
रेडियो संदेश में कहा गया, ‘जलडमरूमध्य से गुजरने के लिए आपको ईरानी सेपाह नौसेना से अनुमति लेनी होगी। अगर कोई जहाज बिना अनुमति के गुज़रने की कोशिश करता है, तो उसे नष्ट कर दिया जाएगा।’ यह संदेश अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि वह ईरान पर हमले दो हफ्तों के लिए तभी रोकेंगे, जब जलडमरूमध्य को पूरी तरह, तुरंत और सुरक्षित तरीके से खोला जाएगा।
समझौते में क्या था?
वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट बताती है कि चालक दल द्वारा शेयर की गई तस्वीरों और वीडियो के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य में ज्यादातर जहाज रुके हुए हैं, ईरान अभी भी होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर अपना प्रभाव बनाए रखना चाहता है। इसीलिए उसने फारसी खाड़ी के ऊपर अभी भी लड़ाकू विमान तैनात किए हुए हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य ईरान और ओमान के बीच पानी की सिर्फ़ 34 किलोमीटर (21 मील) चौड़ा समुद्री रास्ता है, जो खाड़ी से हिंद महासागर तक जाने का रास्ता देता है और दुनिया की लगभग पांचवें हिस्से की तेल आपूर्ति और उर्वरक सहित अन्य ज़रूरी सामानों का मुख्य रास्ता है।
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