गुवाहाटी। असम में सरकार (Government in Assam) चुनने की प्रक्रिया गुरुवार से शुरू होने जा रही है। पूरे राज्य में एक ही चरण में मतदान होगा, जबकि नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे। चुनावी मुकाबले (Election contests) में जहां कांग्रेस सत्ता में वापसी की कोशिश कर रही है, वहीं मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में भाजपा लगातार तीसरी बार सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ मैदान में है। इस चुनाव में चार सीटों पर खास तौर पर साख की लड़ाई देखने को मिल रही है, जिनके परिणाम पूरे राज्य की दिशा तय कर सकते हैं।
जलुकबाड़ी: सरमा के गढ़ में सीधी टक्कर
लोअर असम की जलुकबाड़ी सीट मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का गढ़ मानी जाती है। कांग्रेस ने यहां बिदिशा नाग को उम्मीदवार बनाया है। विपक्ष प्रशासनिक पारदर्शिता और समान नागरिक संहिता से जुड़े अधूरे वादों को मुद्दा बना रहा है। सरमा ने 1996 में यहां से पहली बार चुनाव लड़ा था और हार का सामना किया था, लेकिन 2001 में जीत दर्ज कर सीट पर मजबूत पकड़ बना ली।
नाजिरा: पारिवारिक विरासत बचाने की चुनौती
नाजिरा सीट पर कांग्रेस के देबब्रत सैकिया भाजपा के मयूर बोर्गोहैन के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं। सैकिया लगातार चौथी बार मैदान में हैं और यह सीट उनके परिवार का गढ़ मानी जाती है। उनके पिता हितेश्वर सैकिया और माता हेमप्रभा सैकिया भी यहां से जीत चुके हैं। ऐसे में दशकों से कब्जा बनाए रखने के लिए कांग्रेस के सामने प्रतिष्ठा का सवाल है।
शिवसागर: अखिल गोगोई बनाम एनडीए गठबंधन
शिवसागर सीट पर रायजोर दल के अखिल गोगोई का मुकाबला भाजपा-असम गण परिषद गठबंधन से है। 2021 में जेल में रहते हुए भी अखिल गोगोई ने यहां से जीत हासिल की थी। इस बार उनका सामना प्रदीप हजारिका और कुशल दोवारी से है, जिससे मुकाबला दिलचस्प हो गया है।
कांग्रेस ने 99 उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि भाजपा 90 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। एआईयूडीएफ 30, असम गण परिषद 26 और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट 11 सीटों पर मैदान में हैं। अन्य दलों में रायजोर दल 13, असम जातीय परिषद 10, माकपा 3, एपीएचएलसी 2, आम आदमी पार्टी 18, यूपीपीएल 18, तृणमूल कांग्रेस 22 और झामुमो 16 सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं। इसके अलावा 258 निर्दलीय उम्मीदवार भी चुनावी मुकाबले में हैं।
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