
इंदौर। शहर में ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर 4 अप्रैल तक दर्ज शिकायतें बताती है कि शहर में वाहनों पर फर्जी नंबर प्लेट लगातकर चलने वालों और सडक़ पर वाहन पार्क कर यातायात व्यवस्था बिगाडऩे वालों से शहर कितना परेशान है। यातायात के हर जोन से लेकर आईटीएमएस तक में शिकायतें की लंबी सूची है। कई शिकायतें ऐसी हैं, जिनमें महीनों बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
अप्रैल के पहले ही सप्ताह तक करीब 45 शिकायतें यातायात पुलिस के पास लंबित है, जिसमें बुरे व्यवहार से लेकर अवैध वसूली, नंबर प्लेट, फुटपाथ और सडक़ों पर अतिक्रमण के साथ ही वाहन खड़े कर यातायात बाधित करना शामिल है। आईटीएमएस के पास एक शिकायत दूसरे शहर हैं, जो भी फिलहाल पेंडिंग में है। ये मामला फर्जी नंबर प्लेट का है, जिसमें प्रदेश के एक जिले के निवासी ने शिकायत में बताया है कि उनकी बेटी की स्कूटी का नंबर इंदौर में किसी अन्य व्यक्ति द्वारा इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसके चलते उनकी बेटी के मोबाइल पर लगातार ई-चालान आ रहे हैं। इससे वह मानसिक रूप से परेशान है और किसी बड़ी घटना की आशंका भी जताई गई है। इसी तरह एक अन्य शिकायत में वाहन मालिक ने बताया कि उसकी बाइक का नंबर प्लेट किसी अन्य वाहन पर उपयोग हो रहा है और अब तक 12 बार चालान कट चुका है। एक ने लिखा है कि चालान राशि भरने के बाद भी पोर्टल पर वो पेंडिंग दिखा रहा है।
जाम और अव्यवस्था से बेहाल शहर
शहर के कई प्रमुख इलाकों में ट्रैफिक जाम आम समस्या बन गई है। तलावली चांदा से देवास नाका, पंचवटी, भंवरकुआं और एमआर-9 जैसे क्षेत्रों में लगातार जाम की शिकायतें मिली हैं। एम्बुलेंस तक जाम में फंसने की स्थिति बताई गई है। सरवटे बस स्टैंड से जीपीओ के बीच प्रतिबंध के बावजूद भारी वाहनों की आवाजाही जारी रहने की शिकायतें भी सामने आई हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
अवैध पार्किंग और अतिक्रमण बड़ा कारण
फुटपाथ और सडक़ों पर अवैध पार्किंग भी ट्रैफिक अव्यवस्था का प्रमुख कारण बन रही है। कई जगहों पर दुकानदारों द्वारा सार्वजनिक स्थानों पर वाहन खड़े कराए जा रहे हैं, जिससे आमजन को निकलने में परेशानी हो रही है। कई शिकायतों में ट्रैफिक पुलिस पर अवैध वसूली और दुव्र्यवहार के आरोप लगे हैं। एक शिकायत में वसूली की बात है, जबकि दूसरी शिकायत में बीच सडक़ पर वाहन रोककर दुव्र्यवहार करने की बात सामने आई है।
इन जोन में दर्ज हैं इतनी शिकायतें
यातायात पुलिस ने मिली जानकारी के मुताबिक, बीते एक महीने में सकारात्मक तरीके से करीब 80 से 90 सीएम हेल्पलाइन शिकायतों का निराकरण किया गया है। वहीं, 4 अप्रैल तक आईटीएमएस की 4, जोन 1 की 4, जोन 2 की 14, जोन 3 की 13 और जोन 4 की 10 शिकायतें फिलहाल निराकरण के इंतजार में हैं। इसमें से कुछ शिकायतें चार सौ से ज्यादा दिन से पेंडिंग है।
‘‘कई शिकायतों का निराकरण त्वरित किया जाता है, लेकिन लंबे समय से पेंडिंग शिकायतों में कई व्यक्तिगत है। ऐसी शिकायतों के निराकरण में कभी-कभी समय लग जाता है। लंबित शिकायतों का निराकरण जल्द से जल्द किया जाएगा।’’
– राजेश कुमार त्रिपाठी,
डीसीपी यातायात (प्रभारी), इंदौर
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