
रेस्क्यू टीम रवाना, सिलोटिया, डकाच्या, सुल्लाखेड़ी गांव में दहशत और इधर…
इन्दौर। कल रात को सिलोटिया गांव (Silotiya Village) में खेत में फिर तेन्दुआ (leopard) नजर आया, जिसका वीडियो (video) बनाकर वन विभाग (Forest Department) के फॉरेस्ट रेंजर को भेज दिया है। वन विभाग का कहना है कि हमने आज टीम रवाना कर दी है और रात वाले वीडियो की जांच करवा रहे हैं । किसानों का आरोप है कि वन विभाग को पता है कि कुछ दिन पहले ही सुल्लाखेड़ी में फूल तोडऩे गए युवक पर हमला कर चुका है। इसके बावजूद वन विभाग हाथ पर हाथ धरे बैठा है। वन विभाग की निष्क्रियता से गांव वालों में आक्रोश है। उनका कहना है कि सब डर-डर के दहशत में जी रहे हैं, मगर वन विभाग तेंदुए को लकड़बग्घा बता रहा है।
कल डकाच्या, सुल्लाखेड़ी और सिलोटिया के किसानों ने तेंदुए के लगातार मूवमेंट की न सिर्फ सूचना दी, बल्कि वन विभाग को किसानों द्वारा पंजे के फोटो भी भेजे। इसके बाद डीएफओ ने फारेस्ट रेंजर और रेस्क्यू टीम को गांव में टीम भेजने के निर्देश दिए, मगर टीम गांव में जाने की बजाय किसान से फोन पर ही जानकारी लेती रही और उन्हें बोला कि यह पंजे के फोटो में लकड़बग्घे के पंजे के निशान हैं। इसके बाद गांव वालों ने रात को खेत मे मौजूद तेंदुए का जब वीडियो बनाकर डाला तो आज वन विभाग की टीम सिलोटिया गांव के लिए रवाना हो चुकी है। गौरतलब है कि सात दिनों में तेंदुए का मूवमेंट और किसानों पर हमले की खबरें मिल रही है। पिछले दिनों महू और सांवेर में 2 किसानों पर हमला कर चुका है। इसके बाद सुल्लाखेड़ी, डकाच्या, सिलोटिया में रात को और अलसुबह कभी खेत में तो कभी सडक़ पार करते हुए देखा जा रहा है, मगर वन विभाग की टीम न तो गश्त कर रही है न कोई कार्रवाई कर रही है। इस कारण गांव वाले दहशत में जी रहे हैं। इधर फॉरेस्ट रेंजर संगीता ठाकुर का कहना है कि कल जो पंजे के निशान के फोटो मिले थे, वह लकड़बग्घे के थे, मगर हम तेंदुए की मौजूदगी से इनकार नहीं कर रहे। हमने आज टीम भेज दी है, जो किसानों के साथ मिलकर सर्च करेगी ।