
डेस्क: देशभर में टोल सिस्टम को और ज्यादा पारदर्शी और मजबूत बनाने के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने बड़ा कदम उठाया है. 15 अप्रैल को जारी निर्देश में NHAI ने सभी FASTag जारी करने वाले बैंकों को आदेश दिया है कि वे अपने द्वारा जारी किए गए FASTag से जुड़े व्हीकल रजिस्ट्रेशन नंबर की तुरंत जांच और सत्यापन करें.
यह फैसला तब लिया गया जब कई शिकायतें सामने आईं कि टोल प्लाजा पर FASTag रीडर में वाहन नंबर और गाड़ी की नंबर प्लेट पर लिखा नंबर आपस में मेल नहीं खा रहा है. इस तरह की गड़बड़ी न केवल सिस्टम की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करती है, बल्कि इससे नियमों के पालन में भी कमजोरी आ सकती है और सरकार के राजस्व को नुकसान होने का खतरा बढ़ जाता है.
NHAI के अनुसार, इस समस्या की जड़ उन पुराने FASTag में है जो उस समय जारी किए गए थे जब FASTag सिस्टम पूरी तरह से VAHAN डेटाबेस से जुड़ा नहीं था. उस समय वाहन की जानकारी का सत्यापन अधिकतर मैन्युअल तरीके से किया जाता था, जिसके चलते कई रिकॉर्ड में गलतियां रह गईं. अब जब सिस्टम पूरी तरह डिजिटल हो चुका है, तो ये पुरानी गलतियां सामने आ रही हैं. इस स्थिति को देखते हुए NHAI ने सभी बैंकों को निर्देश दिया है कि वे ऐसे सभी FASTag की पहचान करें जिनमें वाहन नंबर गलत या अमान्य है और उन्हें तुरंत ब्लैकलिस्ट करें. साथ ही इस पूरी प्रक्रिया को अत्यंत जरूरी मानते हुए जल्द से जल्द पूरा करने को कहा गया है.
इस निर्देश का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि NHAI आने वाले समय में Multi-Lane Free Flow (MLFF) टोलिंग सिस्टम लागू करने की तैयारी कर रहा है. इस नए सिस्टम में टोल प्लाजा पर गाड़ियों को रुकने की जरूरत नहीं होगी और पूरा टोल कलेक्शन डिजिटल तरीके से होगा. ऐसे में वाहन की सही पहचान पूरी तरह डिजिटल डेटा पर निर्भर करेगी. अगर किसी वाहन का नंबर गलत पाया जाता है, तो उसे सीधे ई-नोटिस भेजा जा सकता है और नियमों का उल्लंघन करने पर Motor Vehicles Act 1988 के तहत कार्रवाई भी हो सकती है.
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved