
नई दिल्ली। हिंदू धर्म (Hindu Religion) में गंगा सप्तमी (Ganga Saptami) का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन मां गंगा की पूजा और स्नान करने से पुण्य फल की प्राप्ति होती है। मान्यता है कि इसी तिथि पर राजा भागीरथ (Raja Bhagiratha) की तपस्या के बाद मां गंगा पृथ्वी पर अवतरित हुई थीं, जब वे भगवान शिव की जटाओं से होकर धरती पर आईं।
इस वर्ष 23 अप्रैल 2026, गुरुवार को गंगा सप्तमी मनाई जाएगी। इस दिन विशेष संयोग भी बन रहा है। ज्योतिष के अनुसार चंद्रमा अपनी ही राशि कर्क में गोचर कर गजकेसरी राजयोग का निर्माण करेगा, जिसे आर्थिक उन्नति और सकारात्मक बदलाव के लिए शुभ माना जाता है।
इस शुभ योग का प्रभाव खास तौर पर चार राशियों पर देखने को मिल सकता है-
मेष: भौतिक सुख-सुविधाओं में वृद्धि और करियर में सफलता के योग बनेंगे, साथ ही धन लाभ के संकेत हैं।
कर्क: चंद्रमा की स्थिति इस राशि के लिए बेहद अनुकूल रहेगी, जिससे मानसिक शांति, सकारात्मकता और आर्थिक मजबूती मिलेगी।
कन्या: इस राशि के जातकों को धन लाभ हो सकता है और कोई अच्छी खबर मिलने के संकेत हैं।
वृश्चिक: निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होगी और आत्मविश्वास के साथ सकारात्मक ऊर्जा में बढ़ोतरी होगी।
हालांकि, इस दिन कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। गंगा स्नान के दौरान नदी या घाट पर गंदगी फैलाने से बचें, क्योंकि इससे पूजा का फल कम हो सकता है। यह दिन बाहरी और आंतरिक शुद्धि का प्रतीक है, इसलिए मन में नकारात्मक विचार, क्रोध या कटु वचन से दूरी बनाए रखें।
साथ ही, गंगा स्नान केवल औपचारिकता के लिए न करें, बल्कि श्रद्धा और सच्चे मन से प्रार्थना करें। मां गंगा के जल का सम्मान करें और उसका गलत उपयोग न करें। इसके अलावा, इस दिन दान-पुण्य करना भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है, इसलिए अपनी क्षमता अनुसार जरूरतमंदों की सहायता जरूर करें।
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