
नई दिल्ली । कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश (Congress General Secretary Jairam Ramesh) ने कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का एससीओ की बैठक में दिया बयान (Defence Minister Rajnath Singh’s statement at the SCO Meeting) राष्ट्रविरोधी है (Is Anti-national) ।
उन्होंने बुधवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक में आतंकवाद पर बयान देकर पाकिस्तान को “शर्मनाक क्लीन चिट” दे दी। उन्होंने उनके बयान को “राष्ट्रविरोधी” करार दिया। यह विवाद तब शुरू हुआ जब ‘आरएमओ इंडिया’ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर राजनाथ सिंह के बिश्केक में दिए गए संबोधन का वीडियो शेयर किया। इसमें कहा गया, “यह आतंकवाद और उसके समर्थकों के खिलाफ हमारी जीरो टॉलरेंस नीति का प्रमाण था, जिसे इस मंच ने समर्थन दिया, लेकिन हमारी सामूहिक विश्वसनीयता की असली परीक्षा निरंतरता में है। हमें नहीं भूलना चाहिए कि आतंकवाद की कोई राष्ट्रीयता और कोई धर्मशास्त्र नहीं होता। कोई भी वास्तविक या कथित शिकायत आतंकवाद और मानवीय क्षति का बहाना नहीं बन सकती।”
कांग्रेस महासचिव (संचार प्रभारी) जयराम रमेश ने राजनाथ सिंह के बयान का वीडियो क्लिप एक्स पर साझा करते हुए कहा, “कल रक्षा मंत्री ने, स्पष्ट रूप से प्रधानमंत्री की मंजूरी और उनके निर्देश पर, बिश्केक में बोलते हुए पाकिस्तान को शर्मनाक क्लीन चिट दे दी।” उन्होंने सवाल उठाया, “क्या पाकिस्तान आतंकवाद का केंद्र नहीं है? क्या पाकिस्तान में भारत को निशाना बनाने वाले आतंकी कैंप नहीं हैं?”
जयराम रमेश ने कहा कि पाकिस्तान को लेकर यह नया रुख प्रधानमंत्री की अमेरिका को खुश करने और चीन के सामने सुनियोजित समर्पण की नीति का हिस्सा है। उन्होंने कहा, “क्या पाकिस्तान में भारत विरोधी वैचारिक कट्टरता नहीं फैलाई जाती? क्या मुंबई और पहलगाम आतंकी हमलों की साजिश और क्रियान्वयन पाकिस्तान से आए आतंकियों ने नहीं किया था?” कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि रक्षा मंत्री का यह बयान उतना ही चौंकाने वाला और राष्ट्रविरोधी है, जितना 19 जून 2020 को प्रधानमंत्री द्वारा चीन को दी गई कथित क्लीन चिट थी।
उल्लेखनीय है कि राजनाथ सिंह ने मंगलवार को बिश्केक में एससीओ सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा था कि पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में शुरू किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने यह साबित कर दिया कि आतंक के केंद्र अब उचित दंड से बच नहीं सकते। उन्होंने कहा था, “ऑपरेशन सिंदूर आतंकवाद और उसके समर्थकों के खिलाफ हमारी जीरो टॉलरेंस नीति का प्रमाण है।” साथ ही उन्होंने एससीओ देशों से राज्य प्रायोजित सीमा पार आतंकवाद को नजरअंदाज नहीं करने और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में दोहरे मापदंड नहीं अपनाने की अपील भी की थी।
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