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ईरान-US मध्यस्थता के सीन से गायब हुआ पाकिस्तान, फोन लाइन पर खुद कनेक्ट हुए डोनाल्ड ट्रंप

April 30, 2026

नई दिल्ली. अमेरिका‑ईरान (Iran-US) के बीच मध्यस्थता (Mediation) की कोशिश पाकिस्तान (Pakistan) ने जरूर की, लेकिन वह पूरी तरह नाकाम (Failed) रहा. ईरान ने भी पाकिस्तान पर भरोसा करने से साफ इनकार कर दिया है. इस बीच पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका से अब बाहर नजर आ रहा है. दोनों पक्ष फोन पर बातचीत कर रहे हैं.

अल जजीरा के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अब अमेरिका पाकिस्तान में बातचीत करने के बजाय ईरान से फोन पर बातचीत करने पर ध्यान दे रहा है. ईरान के साथ बातचीत पहले से कहीं बेहतर हुई है.

इस बीच डोनाल्ड ट्रंप की बातचीत रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी हुई है. फोन पर 90 मिनट से अधिक समय तक बातचीत की गई है. क्रेमलिन ने इस वार्ता को दोस्ताना और कारगर बताया. बातचीत के दौरान कई वैश्विक मुद्दों पर चर्चा हुई, जिनमें ईरान से जुड़ा संघर्ष, यूक्रेन विवाद और वॉशिंगटन हिल्टन होटल में हाल ही में हुई फायरिंग की घटना शामिल रही.


  • पाकिस्तान पर ईरान को नहीं भरोसा
    ईरानी सांसद इब्राहिम रेजाई का कहना है कि पाकिस्तान मध्यस्थ के रूप में भरोसा खो चुका है, वह अमेरिका के आगे झुकता है. हालांकि, इब्राहिम रेजाई ने यह भी कहा कि पाकिस्तान एक अच्छा मित्र और पड़ोसी है, पर भरोसे की कमी के कारण वह बातचीत के लिए उपयुक्त मध्यस्थ नहीं है.

    रजाई ने पाकिस्तान पर आरोप लगाया कि वो लगातार डोनाल्ड ट्रंप के हितों का समर्थन करते हैं और अमेरिका के खिलाफ कोई ठोस रुख अपनाने से भी बचते हैं. इस बीच ट्रंप ने कहा है कि हम ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने नहीं देंगे. हमने उनकी नौसेना को तबाह कर दिया है, उनकी वायुसेना को भी खत्म कर दिया है. उनके एंटी-एयरक्राफ्ट सिस्टम को भी नष्ट कर दिया गया है.

    भारत से भी हुई ईरान की बातचीत
    ईरान के विदेश मंत्री सैय्यद अब्बास अराघची और भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर के बीच बुधवार शाम टेलीफोनिक पर बातचीत हुई. बताया जा रहा है कि दोनों नेताओं ने होर्मुज स्ट्रेट के मुद्दे पर पर चर्चा की, जो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और व्यापार के लिए बेहद अहम समुद्री मार्ग है. इस दौरान अराघची ने इस विषय से जुड़े कई पहलुओं पर डॉ. जयशंकर को विस्तार से जानकारी दी.

    ईरान के विदेश मंत्रालय के बयान के मुताबिक, इस बातचीत में सीजफायर से जुड़े ताजा घटनाक्रमों, द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्थिति पर चर्चा हुई. दोनों देशों के नेताओं ने मौजूदा हालात के कई पहलुओं पर विचार-विमर्श किया और भविष्य में भी आपसी संपर्क बनाए रखने पर सहमति जताई.

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