तेहरान। लंबे तनाव के बाद दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में धीरे-धीरे सामान्य स्थिति लौटने के संकेत मिल रहे हैं। भारत के गुजरात स्थित दाहेज बंदरगाह (Dahej Port) पर माल उतारने के बाद (LNG) कैरियर उम्म अल अश्तान अब संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
मार्च की शुरुआत से समुद्र में रुका यह जहाज अब होर्मुज पार कर दास द्वीप पहुंचने की तैयारी में है। यह घटनाक्रम वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए अहम माना जा रहा है।
क्यों खास है यह मूवमेंट?
विशेषज्ञों के मुताबिक, युद्ध के बाद यह पहला मौका है जब कोई खाली LNG जहाज फिर से माल लोड करने के लिए इस संवेदनशील रास्ते से गुजर रहा है। ऐसे समय में जब फारस की खाड़ी के कई हिस्सों में सैकड़ों जहाज अब भी फंसे हुए हैं, यह एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
दास द्वीप पर फिर शुरू हो सकता है उत्पादन
दास द्वीप की सालाना उत्पादन क्षमता करीब 60 लाख टन है, जो वैश्विक LNG सप्लाई का लगभग 1% हिस्सा है। ‘उम्म अल अश्तान’ का वहां पहुंचना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि उत्पादन दोबारा पटरी पर लौट सकता है।
कौन चलाता है यह जहाज?
यह LNG कैरियर अबू धाबी की कंपनी ADNOC Logistics & Services द्वारा संचालित है। इसकी क्षमता लगभग 73,100 टन LNG ले जाने की है और यह पहले भी भारत में सप्लाई कर चुका है।
अन्य जहाजों की आवाजाही भी बढ़ी
इसी बीच, ‘मुबारज’ नाम का एक और LNG टैंकर हाल ही में होर्मुज पार कर चीन की ओर रवाना हुआ है, जबकि जापान के लिए कच्चा तेल लेकर जा रहा टैंकर इडेमित्सु मारू भी सुरक्षित रूप से इस मार्ग से गुजर चुका है।
विशेषज्ञों की राय
शिपिंग इंडस्ट्री के जानकारों का कहना है कि हालांकि यह एक सकारात्मक शुरुआत है, लेकिन पूरी तरह सामान्य स्थिति तब मानी जाएगी जब कतर से LNG लोड करने वाले कई जहाज नियमित रूप से इस मार्ग से गुजरना शुरू कर देंगे।
कुल मिलाकर, बड़े ऊर्जा जहाजों की यह आवाजाही संकेत दे रही है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में हालात धीरे-धीरे स्थिर हो रहे हैं, जो वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति के लिए राहत की खबर है।
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