
नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में तनाव एक बार फिर(Tensions in the Middle East) खतरनाक मोड़ ले रहा है… हिज़्बुल्लाह (Hezbollah)ने अब ऐसी ड्रोन तकनीक(drone technology) उतारी है जो न रडार में आसानी से दिखती है, न ही जैमिंग से रुकती है… इस नई चाल नेइज़राइल (Israel) की सुरक्षा व्यवस्था(security apparatus) के सामने नई चुनौती खड़ी(fresh challenge) कर दी है
इज़राइल-हिज़्बुल्लाह संघर्ष(Israel-Hezbollah conflict) के बीच, युद्ध का एक नया हथियार सामने आया है: फाइबर-ऑप्टिक गाइडेड ड्रोन। ये छोटे, लेकिन बेहद खतरनाक ड्रोन पतले केबलों के ज़रिए सीधे अपने ऑपरेटरों से जुड़े रहते हैं। ठीक इसी वजह से, इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग के ज़रिए इनका मुकाबला करना लगभग नामुमकिन हो जाता है।
लंदन के रॉयल यूनाइटेड सर्विसेज़ इंस्टीट्यूट में ड्रोन विशेषज्ञ रॉबर्ट टोल्स्ट के अनुसार, अगर ऑपरेटर ठीक से प्रशिक्षित हो, तो ये ड्रोन “बेहद घातक” साबित हो सकते हैं। ये बहुत कम ऊंचाई पर उड़ते हैं और चुपके से अपने लक्ष्यों के करीब पहुँचते हैं।
इजरायली अधिकारियों का मानना है कि हिज्बुल्लाह ने यह तकनीक इसलिए अपनाई क्योंकि पारंपरिक ड्रोन और मिसाइलों के खिलाफ इजरायल का एयर डिफेंस काफी मजबूत है… ऐसे में ये नए ड्रोन उस सुरक्षा कवच को भेदने की कोशिश कर रहे हैं… बताया जा रहा है कि इन ड्रोन को स्थानीय स्तर पर भी तैयार किया जा सकता है साधारण ड्रोन, थोड़े विस्फोटक और फाइबर-ऑप्टिक तार के जरिए
पूर्व इजरायली वायु रक्षा प्रमुख Ran Kochav ने चेतावनी दी है कि इन ड्रोन को पहचानना और मार गिराना बेहद मुश्किल है ये छोटे, तेज और बहुत नीचे उड़ते हैं… ऐसे में पारंपरिक डिफेंस सिस्टम भी तुरंत प्रतिक्रिया नहीं दे पाते
बचाव की चुनौती
विशेषज्ञों के अनुसार, इन ड्रोन से बचाव के सिर्फ दो रास्ते हैं या तो उड़ान में ही इन्हें नष्ट कर दिया जाए या फिर इनकी लगभग अदृश्य केबल को काटा जाए लेकिन दोनों ही विकल्प आसान नहीं हैं।
इस खतरे को देखते हुए इजरायली सेना अब अपने सैन्य वाहनों पर जाल और सुरक्षा कवच लगाने जैसे उपाय कर रही है… साथ ही नई तकनीक विकसित करने पर भी तेजी से काम हो रहा है।
यूक्रेन से जुड़ा कनेक्शन
दरअसल, यह तकनीक रूस-यूक्रेन युद्ध (Russia-Ukraine War)के दौरान तेजी से विकसित हुई है वहां दोनों पक्ष ड्रोन टेक्नोलॉजी में लगातार नए प्रयोग कर रहे हैं… कुछ मामलों में 50 किलोमीटर लंबी केबल वाले ड्रोन भी देखे गए हैं हिज्बुल्लाह के ये नए ड्रोन सिर्फ एक हथियार नहीं, बल्कि आधुनिक युद्ध की बदलती तस्वीर हैं जहां तकनीक जितनी एडवांस होगी, खतरा उतना ही अदृश्य और घातक होगाअब सवाल यही है।इजरायल इस नई चुनौती का समय रहते जवाब दे पाएगा?
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