
नई दिल्ली। देश की राजनीति में इस समय भारी घमासान मचा हुआ है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्षी दलों पर बहुत गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि विपक्ष देश की अहम संस्थाओं को निशाना बना रहा है और यह सीधे तौर पर भारतीय लोकतंत्र पर हमला है। रिजिजू का यह सख्त बयान ऐसे समय में आया है, जब पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग ने भारी गड़बड़ियों के चलते कई जगहों पर फिर से वोटिंग कराने का बड़ा फैसला लिया है। बंगाल चुनाव को लेकर भाजपा और टीएमसी के बीच पहले से ही भारी तनातनी चल रही है।
किरेन रिजिजू ने साफ शब्दों में कहा है कि विपक्ष ने हर उस लोकतांत्रिक संस्था पर सवाल उठाए हैं, जिन पर देश का भरोसा टिका है। रिजिजू ने विपक्ष को चेतावनी दी है कि भारत की आम जनता यह सब देख रही है और वह समय आने पर उन्हें इसका करारा जवाब जरूर देगी। वहीं, बंगाल में चल रहे मतदान के दौरान हुई अप्रिय घटनाओं ने इस राजनीतिक विवाद को और ज्यादा गरमा दिया है। चुनाव आयोग के कड़े फैसलों और भाजपा नेताओं की लगातार शिकायतों के बाद वहां का माहौल पूरी तरह से आक्रामक हो गया है।
रिजिजू ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा कि सभी विपक्षी दलों ने सरकारी एजेंसियों, ईवीएम, चुनाव आयोग और मीडिया पर लगातार हमला किया है। उनका कहना है कि अब विपक्षी दल देश की सर्वोच्च न्यायपालिका को भी अपना निशाना बना रहे हैं। रिजिजू ने कड़े शब्दों में कहा कि विपक्ष को यह एहसास ही नहीं है कि वे ऐसा करके सीधे भारतीय लोकतंत्र के मूल आधार पर हमला कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि भारत के लोग सही वक्त का इंतजार कर रहे हैं और वे जल्द ही विपक्ष को जिंदगी भर याद रहने वाला सबक सिखाएंगे।
रिजिजू का यह बयान चुनाव आयोग के उस कड़े फैसले के बाद आया है, जिसमें फलता विधानसभा क्षेत्र के सभी 285 मतदान केंद्रों पर 21 मई को दोबारा वोटिंग कराने को कहा गया है। इससे पहले शनिवार को पश्चिम मगराहाट और डायमंड हार्बर के 15 बूथों पर भी भारी सुरक्षा के बीच दोबारा मतदान कराया गया था। चुनाव आयोग ने बताया कि 29 अप्रैल को हुए मतदान के दौरान फलता के कई मतदान केंद्रों पर गंभीर चुनावी अपराध हुए और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को नुकसान पहुंचाया गया। इतनी बड़ी संख्या में बूथों पर गड़बड़ी और धांधली मिलने के कारण ही आयोग ने फलता में नए सिरे से चुनाव कराने का यह सख्त निर्देश दिया है।
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