
अमृतसर. पंजाब (Punjab) में डबल ब्लास्ट (Double Blast) की खबर सुनकर लोगों के मन में भय पैदा हो गया. पहला ब्लास्ट अमृतसर (Amritsar) में जबकि दूसरा जालंधर (Jalandhar) में हुआ. दोनों जगह की दूरी 82 किलोमीटर है लेकिन इसकी जब खबर लगी तो लोग सहम गए.
पंजाब के अमृतसर में मंगलवार रात उस समय हड़कंप मच गया जब खासा छावनी (कैंटोनमेंट) इलाके के पास एक जोरदार धमाके की आवाज सुनी गई. रात करीब 10:50 बजे हुई इस घटना ने पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं. हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है, लेकिन सीमावर्ती राज्य में हुई इस गतिविधि ने सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवालिया निशान लगा दिए हैं.
मंगलवार की रात अमृतसर का खासा इलाका अचानक धमाके की आवाज से कांप उठा. एसपी आदित्य एस. वारियर ने बताया कि पुलिस को रात करीब 10:50 बजे ब्लास्ट की सूचना मिली थी. मामला संवेदनशील होने के कारण वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तुरंत सेना के जवानों के साथ मौके पर पहुंच गए. पूरे इलाके को घेर लिया गया और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं.
फॉरेंसिक और बीडीएस टीम ने संभाला मोर्चा
धमाके की प्रकृति को समझने के लिए बम डिस्पोजल स्क्वाड (BDS) को मौके पर बुलाया गया. फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य और नमूने इकट्ठा किए हैं. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह धमाका किस तरह का था और इसका कारण क्या था. फिलहाल इन नमूनों को जांच के लिए लैब भेज दिया गया है.
जालंधर में भी संदिग्ध घटना
अमृतसर की घटना के बीच ही जालंधर के बीएसएफ चौक के पास भी एक स्कूटर में आग लगने की खबर आई. गनीमत रही कि इस घटना में भी कोई घायल नहीं हुआ. हालांकि, एक ही दिन में दो अलग-अलग शहरों में हुई इन घटनाओं ने पंजाब की राजनीति में भूचाल ला दिया है. विपक्ष इन दोनों घटनाओं को सुरक्षा में बड़ी चूक मान रहा है.
शिरोमणि अकाली दल के महासचिव बिक्रम सिंह मजीठिया ने इस स्थिति को बेहद गंभीर बताया है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि पुलिस बिना गहन जांच के इसे मामूली टायर फटना या गैस ब्लास्ट बताकर मामले को रफा-दफा करने की कोशिश कर रही है. उन्होंने सवाल किया कि क्या फॉरेंसिक रिपोर्ट इतनी जल्दी आ गई? उन्होंने गृह मंत्री और प्रधानमंत्री से पंजाब की सुरक्षा स्थिति पर ध्यान देने की अपील की है.
भाजपा और कांग्रेस का तीखा हमला
पंजाब बीजेपी महासचिव परमिंदर सिंह बराड़ ने जालंधर की घटना को कानून-व्यवस्था के ध्वस्त होने का प्रमाण बताया. उन्होंने कहा कि आप सरकार केवल दिखावे की राजनीति कर रही है और जनता सुरक्षित नहीं है. वहीं कांग्रेस विधायक प्रताप सिंह बाजवा ने भी गहरी चिंता जताते हुए कहा कि सरकार को केवल प्रतिक्रिया देने के बजाय सुरक्षा के प्रति सक्रिय कदम उठाने चाहिए.
यह पहली बार नहीं है जब पंजाब में रेलवे ट्रैक या संवेदनशील इलाकों में ऐसी घटनाएं हुई हों. इससे पहले 27 अप्रैल को पटियाला के राजपुरा में रेलवे ट्रैक पर धमाके की कोशिश की गई थी, जिसमें आरोपी की मौत हो गई थी. इन लगातार होती घटनाओं ने सीमावर्ती राज्य पंजाब में सुरक्षा और सतर्कता की जरूरत को और अधिक बढ़ा दिया है.
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