
नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान (India and Pakistan) के बीच आधिकारिक स्तर पर भले ही बातचीत बंद हो, लेकिन दोनों देशों के रिश्तों (Relationships) में संवाद की संभावनाएं फिर से तलाश की जा रही हैं। पिछले तीन महीनों में दोनों देशों के रिटायर्ड सैन्य अधिकारियों और पूर्व राजनयिकों के बीच कम से कम दो गुप्त बैठकें (Secret Meetings) होने की जानकारी सामने आई है। एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इन बैठकों का उद्देश्य तनाव कम करने और बैक-चैनल संपर्क बनाए रखना है।
बताया जा रहा है कि ये बैठकें कतर और एशिया के एक अन्य देश की राजधानी में आयोजित की गईं। हालांकि यह वार्ता पूरी तरह अनौपचारिक रही, लेकिन ऑपरेशन सिंदूर के बाद दोनों देशों के बीच संवाद बहाल करने की दिशा में इसे अहम पहल माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, भारत सरकार के भीतर भी इस बात पर सहमति बन रही है कि इस्लामाबाद और रावलपिंडी के साथ एक गुप्त संवाद तंत्र सक्रिय रहना चाहिए।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल के कार्यालय और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय को इस तरह की बातचीत की जरूरत से अवगत कराया गया है। पाकिस्तान की ओर से भी ऐसे संवाद में रुचि दिखाई गई है।
सूत्रों के मुताबिक, इस बैक-चैनल बातचीत का मुख्य उद्देश्य भविष्य में किसी संभावित आतंकी हमले या सीमा तनाव की स्थिति में हालात को नियंत्रण से बाहर जाने से रोकना है। फिलहाल भारत और पाकिस्तान के बीच केवल डीजीएमओ स्तर पर होने वाली साप्ताहिक हॉटलाइन वार्ता ही आधिकारिक संपर्क का माध्यम बनी हुई है।
भारत का मानना है कि गुप्त संवाद बनाए रखना उसकी उस नीति के खिलाफ नहीं है, जिसमें कहा गया है कि “आतंकवाद और बातचीत साथ-साथ नहीं चल सकते।” इसे संकट की स्थिति में सीधे संवाद बनाए रखने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
वर्तमान अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को देखते हुए भी भारत इस तरह के संपर्क को जरूरी मान रहा है। पाकिस्तान इस समय अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। वहीं, पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की ताकत भी पहले से ज्यादा मजबूत मानी जा रही है और उन्हें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन मिलने की चर्चा है। ऐसे में भविष्य में किसी आतंकी घटना की स्थिति में भारत के लिए वैश्विक स्तर पर पाकिस्तान पर दबाव बनाना आसान नहीं होगा।
भारत और पाकिस्तान के बीच बैक-चैनल डिप्लोमेसी नई नहीं है। इससे पहले 2015 से 2018 के बीच NSA अजीत डोभाल ने बैंकॉक में अपने पाकिस्तानी समकक्षों के साथ कई दौर की गुप्त बैठकें की थीं। हाल ही में 30 अप्रैल 2025 को लेफ्टिनेंट जनरल मोहम्मद आसिम मलिक को पाकिस्तान का नया NSA नियुक्त किया गया है। खास बात यह है कि वे ISI प्रमुख और NSA दोनों जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं, जिससे पाकिस्तान की सैन्य और रणनीतिक ताकत एक ही केंद्र में सिमट गई है।
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