
भोपाल। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में भाजपा नेताओं (BJP leaders) के लगातार विवादित बयानबाजी से आला कमान परेशान है। इसी कड़ी में राजधानी भोपाल में प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस बैठक में किसी मंत्री को नसीहत मिली तो किसी को फटकार भी पड़ी। साथ ही कई मंत्रियों का पत्ता भी कट सकता है। वहीं कैबिनेट विस्तार और दिग्गजों के केंद्र में जाने समेत कई मुद्दों पर विचार विमर्श हुआ।
विजय शाह को जुबान पर लगाम लगाने की नसीहत
मंत्री विजय शाह को बैठक में सदाचार और सुशासन का पाठ पढ़ाया गया। साथ ही जुबान पर लगाम लगाने की समझाइश दी गई।
मंत्री नागर सिंह चौहान
बैठक में नागर सिंह चौहान को फटकार पड़ी। प्रभारी मंत्री संपतिया उइके ने गंभीर आरोप लगाए, इस पर भी उन्हें नसीहत दी गई।
नारायण सिंह पंवार
राजगढ़ जिले में धरना के दौरान चेतावनी देने पर नारायण सिंह पंवार को फटकार पड़ी। आगे से इस तरह के कदम नहीं उठाने की समझाइश भी दी गई।
एंदल सिंह कंसाना
कृषि मामलों में अनर्गल बयानबाजी नहीं करने और समाज के बाहर निकलकर राजनीति करने की नसीहत दी गई।
प्रतिमा बागरी
क्षेत्र की बात उचित फोरम पर रखने के लिए कहा गया.
मंत्री गोविंद सिंह
सागर जिले के कद्दावर नेता पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव और भूपेंद्र सिंह के साथ समन्वय बनाने की बात कही गई।
इन्हें केंद्र में ले जाने की चर्चा
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की टीम में प्रमुख चेहरे शामिल हो सकते हैं-
वीडी शर्मा
बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और सांसद वीडी शर्मा को राष्ट्रीय महासचिव बनाने की चर्चा हो रही है।
प्रहलाद पटेल
कैबिनेट मंत्री प्रहलाद पटेल को राष्ट्रीय कार्यकारिणी में प्रमुख पद मिलने की चर्चा है।
कैलाश विजयवर्गीय
दिग्गज मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को राष्ट्रीय कार्यकारिणी में प्रमुख पद मिलने की चर्चा है।
मंत्री राकेश सिंह
मंत्री राकेश सिंह को राष्ट्रीय कार्यकारिणी में प्रमुख पद मिलने की चर्चा है। केंद्रीय कार्यकारिणी आने के बाद मध्य प्रदेश में कैबिनेट विस्तार हो सकता है। कुछ मंत्रियों की छुट्टी भी हो सकती है तो कुछ को मंत्री बनने का मौका मिलेगा। दतिया चुनाव होने पर पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा की नई भूमिका तय होगी।
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