
जबलपुर। गोरखपुर थाना परिसर में स्थापित भगवान शंकर का प्राचीन मंदिर इन दिनों चर्चा और विवाद का विषय बन गया है। मप्र पुलिस हाउसिंग बोर्ड कार्पोरेशन द्वारा थाना परिसर की जमीन पर पुलिस कर्मचारियों के लिए नए आवास निर्माण का कार्य शुरू कराया गया है। इसी योजना के तहत पुराने मकानों को तोड़ा जा रहा है, लेकिन कॉलोनी के बीचों-बीच स्थित भोले बाबा का मंदिर की तोडऩे की योजना बनाई जा रही है।
जैसे ही मंदिर हटाए जाने की जानकारी सेवानिवृत्त पुलिस कर्मचारी पूर्व सब इंस्पेक्टर कामता मिश्रा एवं वर्तमान में कार्यरत पुलिस कर्मचारी और क्षेत्रीय भक्तों को लगी तो वे तत्काल थाना प्रभारी से मिलने पहुंचे। रिटायर्ड कर्मचारियों ने मांग की कि वर्षों पुराना यह मंदिर किसी भी स्थिति में न तोड़ा जाए। यदि निर्माण कार्य के कारण मंदिर हटाना आवश्यक हो, तो मंदिर के लिए भूमि उपलब्ध कराकर विधिवत नए मंदिर का निर्माण कराया जाए। बताया जा रहा है कि थाना प्रभारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मध्य प्रदेश पुलिस हाउसिंग बोर्ड कार्पोरेशन के अधिकारियों और कर्मचारियों से चर्चा की। वहीं सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने ठेकेदार जैन को भी पूरे मामले से अवगत कराया, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही दिया गया है। ठेकेदार का कहना है कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश मिलेंगे तभी मंदिर का निर्माण कराया जाएगा, अन्यथा नहीं। मंदिर में वर्षों से पूजा कर रहे पुजारी केशवानंद तिवारी का कहना है कि जब भोले बाबा को यहां विराजमान किया गया था तब उन्हें मंदिर और छत दी गई थी, लेकिन अब खुले आसमान के नीचे बैठाना धार्मिक भावना के साथ सीधा खिलवाड़ है।
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