img-fluid

ताइवान में भारत विरोधी पोस्टर पर बवाल, चुनावी प्रचार में तिरंगे और पगड़ी पर लगाया ‘NO’ का निशान

May 20, 2026

नई दिल्ली। ताइवान (Taiwan) में स्थानीय चुनाव के दौरान लगाए गए एक पोस्टर ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। काओशुंग शहर (Kaohsiung City) में नगर परिषद चुनाव लड़ रहे एक निर्दलीय उम्मीदवार के प्रचार बोर्ड पर भारतीय तिरंगे और पगड़ी पहने व्यक्ति की तस्वीर पर बड़ा ‘NO’ चिन्ह दिखाया गया, जिसके बाद सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। इस पोस्टर को भारत विरोधी और नस्लीय भेदभाव को बढ़ावा देने वाला बताया जा रहा है।


  • भारतीय कामगारों की एंट्री के विरोध में लगाया पोस्टर

    दरअसल, ताइवान ने 2024 में भारत के साथ प्रवासी श्रमिकों को लेकर एक समझौता ज्ञापन (MOU) किया था। इसके तहत विनिर्माण, कृषि और देखभाल जैसे क्षेत्रों में भारतीय कामगारों की भर्ती का रास्ता खुला। इसी मुद्दे को लेकर काओशुंग के सियाओगांग जिले से चुनाव लड़ रहे निर्दलीय उम्मीदवार ली हंग-यी ने विरोध दर्ज कराने के लिए यह पोस्टर लगाया।

    उम्मीदवार का कहना है कि उनका विरोध भारतीयों से नहीं, बल्कि सरकार की तैयारियों से है। उन्होंने दावा किया कि भारत से श्रमिक बुलाने से पहले पर्याप्त सुरक्षा और प्रबंधन व्यवस्था होनी चाहिए। हालांकि, पोस्टर की तस्वीर वायरल होने के बाद मामला राजनीतिक और सामाजिक विवाद में बदल गया।

    भारतीय समुदाय ने बताया नस्लीय भेदभाव

    ताइवान में रहने वाले भारतीय समुदाय के लोगों ने पोस्टर की कड़ी आलोचना की है। एक भारतीय नागरिक ने इसे “सीधा नस्लीय भेदभाव” बताते हुए कहा कि किसी नीति का विरोध करना अलग बात है, लेकिन किसी देश के सांस्कृतिक प्रतीकों और पहचान को निशाना बनाना गलत है।

    वहीं, न्यू पावर पार्टी की काओशुंग इकाई के प्रमुख वांग यी-हेंग ने कहा कि भारतीय तिरंगा और पगड़ी सम्मान और आस्था के प्रतीक हैं। इनके ऊपर प्रतिबंध का निशान लगाना न केवल अपमानजनक है, बल्कि यह समाज में नफरत फैलाने जैसा कदम भी है।

    विपक्षी दल भी कर रहे भारतीय श्रमिकों का विरोध

    ताइवान की प्रमुख विपक्षी पार्टी KMT भी भारत से श्रमिक बुलाने की योजना का विरोध कर रही है। पार्टी के नेताओं का कहना है कि सरकार को इस योजना के सामाजिक प्रभावों और सुरक्षा पहलुओं की गंभीर जांच करनी चाहिए।

    KMT विधायक हुआंग चिएन-पिन ने संसद में भारत के राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों का हवाला देते हुए महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सरकार को किसी भी श्रमिक कार्यक्रम को लागू करने से पहले सख्त नियम बनाने चाहिए।

    ताइवान में श्रमिकों की भारी कमी

    दूसरी ओर ताइवान सरकार इस योजना को देश में बढ़ती श्रमिक कमी का समाधान मान रही है। घटती जन्मदर और तेजी से बूढ़ी होती आबादी के कारण वहां उद्योगों को कामगारों की जरूरत बढ़ती जा रही है।

    ताइवान के श्रम मंत्री हंग सन-हान के मुताबिक, 2026 में पायलट प्रोजेक्ट के तहत शुरुआत में करीब 1000 भारतीय श्रमिकों को बुलाने की योजना है। आगे इसकी संख्या उद्योगों की मांग और सुरक्षा व्यवस्था के आधार पर बढ़ाई जा सकती है।

    हाई-टेक कंपनियों में पहले से काम कर रहे भारतीय

    फिलहाल ताइवान में करीब 7000 भारतीय नागरिक काम कर रहे हैं। इनमें से अधिकांश फॉक्सकॉन और टीएसएमसी जैसी हाई-टेक कंपनियों से जुड़े हैं। उद्योग जगत भारतीय पेशेवरों और कामगारों की भर्ती का समर्थन कर रहा है, जबकि विरोधी दल सामाजिक समायोजन और सुरक्षा को मुद्दा बना रहे हैं।

    Share:

  • भारत पर एक साथ पड़े 3 आर्थिक झटके, भुगतान संतुलन पर बढ़ा दबाव; आम लोगों की जेब पर दिख सकता है असर

    Wed May 20 , 2026
    नई दिल्ली। भारत की अर्थव्यवस्था (Economy of India) इस समय कई वैश्विक चुनौतियों का सामना कर रही है। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, रुपये की कमजोरी और विदेशी निवेश में गिरावट ने देश के भुगतान संतुलन (Balance of Payments) पर दबाव बढ़ा दिया है। मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) वी. अनंत नागेश्वरन ने चेतावनी दी […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved