
इंदौर। आईटी सेक्टर में इंदौर तेजी से आगे बढ़ रहा है और कल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से गूगल क्लाउड इंडिया के पदाधिकारियों ने मुलाकात की, जिसमें प्रदेश में प्रशासनिक दक्षता, संवर्धन , एआई आधारित सुशासन और सिंहस्थ-2028 में एआई के तकनीक सहयोग पर मुख्य रूप से चर्चा हुई। वहीं बैठक में मौजूद अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई के मुताबिक, राज्य शासन गूगल क्लाउड इंडिया के बीच एक एमओयू साइन होगा, जिसमें इंदौर में इंटर फॉर एक्सीलेंस की स्थापना की जाएगी। यह सेंटर एआई आधारित नवाचार, अनुसंधान, स्कील डेवलपमेंट, तकनीकी समाधान विकास का प्रमुख केन्द्र रहेगा और सेंटर से 10 हजार से अधिक एआई डेवलपर्स जोड़े जाएंगे।
एक तरफ कल इंदौर में ब्रिक्स यूथ इंटरप्रेन्योरशिप वर्किंग ग्रुप की मीटिंग हुई, जिसमें भारत सरकार की युवा कार्यक्रम और खेल राज्यमंत्री रक्षा खड़से, विभाग की सचिव पल्लवी जैन गोविल सहित अन्य मौजूद रहे और प्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास सारंग भी मौजूद रहे। वहीं गूगल क्लाउड इंडिया के पदाधिकारियों के साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंत्रालय में राउंड टेबल मीटिंग हुई, जिसमें मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, प्रमुख सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी एम. सेल्वेन्द्रन, गूगल क्लाउड इंडिया के निदेशक आशीष वत्तल, एपीएसी क्षेत्र के निदेशक मदन ओबरॉय, पंकज शुक्ला, लोकेश लोहिया, डॉ. श्रुति गाडगिल, विजय गुंजाटे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में अपर मुख्य सचिव श्री मंडलोई ने बताया कि राज्य सरकार और गूगल क्लाउड इंडिया के बीच एक महत्वपूर्ण रणनीतिक सहयोग स्थापित किया जा रहा है।
इसमें इंदौर में सेंटर फॉर एक्सीलेंस स्थापित किया जाएगा, जिसके लिए शीघ्र ही एमओयू होगा। यह सेंटर एआई आधारित नवाचार, अनुसंधान, स्किल डेवलपमेंट और तकनीकी समाधान विकास का प्रमुख केंद्र बनेगा। सेंटर से 10 हजार से अधिक एआई डेवलपर्स को जोड़ा जाएगा, जो मध्यप्रदेश सहित देश और साउथ ग्लोबल की आवश्यकताओं के अनुरूप रियल टाइम तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराएंगे। इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 के पश्चात हुई इस उच्च स्तरीय बैठक में गूगल क्लाउड इंडिया ने समृद्ध मध्यप्रदेश की अवधारणा के अनुरूप एआई आधारित विकास और सुशासन के लिए एक विस्तृत रोडमैप प्रस्तुत किया। बैठक में सिंहस्थ-2028 को स्मार्ट और तकनीक-सक्षम आयोजन के रूप में विकसित करने पर विशेष चर्चा हुई। गूगल द्वारा प्रस्तुत एआई फ्रेमवर्क में रियल टाइम भीड़ प्रबंधन, प्रेडिक्टिव ट्रैफिक एवं सुरक्षा विश्लेषण, एआई आधारित इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम और डिजिटल ट्विन मॉडल जैसी अत्याधुनिक व्यवस्थाएं शामिल हैं। बैठक में सहायक नामक बहुभाषीय एवं वॉइस-सक्षम एआई एप्लिकेशन की अवधारणा भी प्रस्तुत की गई, जो सिंहस्थ में आने वाले श्रद्धालुओं को भीड़ की स्थिति, मार्गदर्शन, ट्रैफिक व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं की रियल टाइम जानकारी स्थानीय भाषाओं में उपलब्ध कराएगा। इससे करोड़ों श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और आयोजन प्रबंधन में उल्लेखनीय सुधार होगा। गूगल क्लाउड इंडिया के पदाधिकारियों ने बताया कि एआई समिट के दौरान मध्यप्रदेश शासन से मिले अभूतपूर्व समर्थन और सहयोग से गूगल क्लाउड द्वारा राज्य की प्राथमिकताओं अनुसार कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, वन, महिला एवं बाल विकास और अन्य विभागों में एआई आधारित समाधान विकसित किए जा रहे हैं।
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