
इंदौर। रोडवेज की तर्ज पर मुख्यमंत्री सुगम परिवहन योजना शुरू की जा रही है। कल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के समक्ष परिवहन विभाग की जो समीक्षा बैठक हुई उसमें जनसम्पर्क आयुक्त, सचिव परिवहन मनीष सिंह ने प्रजेंटेशन देते हुए बताया कि पीएम राहत योजना और राहवीर योजना के क्रियान्वयन में पूरे देश में प्रदेश पहले स्थान पर है और अलग से मध्यप्रदेश और राज्य सुरक्षा सचिवालय का गठन भी किया जा रहा है। पिछले वित्त वर्ष में परिवहन विभाग को मिले लक्ष्य 4400 करोड़ के विरुद्ध 4911.78 करोड़ की राजस्व आय अर्जित की गई। वहीं इस वित्त वर्ष में 5721 करोड़ का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश में 51 तरह की फेस लेस सेवाएं दी जा रही है। दो चरणों में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा शुरू होगी। पहले चरण में इंदौर, उज्जैन, भोपाल, जबलपुर, सागर, ग्वालियर और रीवा में विभागीय अधिसूचना जारी कर दी गई है।
पहले चरण में प्रदेश के कुल 1164 मार्गों पर 5206 बसों का संचालन अगले दो सालों में किया जाएगा, जिसमें इंदौर संभाग क्षेत्र में कुल 121 मार्गों पर 608 बसें दौड़ेंगी, तो उज्जैन उज्जैन क्षेत्र के 120 मार्गों में 371 बसें, भोपाल क्षेत्र के 104 मार्गों में 398 बसें, जबलपुर क्षेत्र के 83 मार्गों पर 309 बसें, सागर क्षेत्र के 92 मार्गों में 344 बसें, ग्वालियर क्षेत्र के 65 मार्गों में 298 बसें तथा रीवा क्षेत्र के 35 मार्गों में 184 बसें चलाई जाएंगी। योजना के तहत चलाई जाने वाली सभी बसों का रंग एक जैसा होगा, ताकि एकरूपता बनी रहे। सचिव परिवहन ने बताया कि ड्रायविंग लायसेंस एवं पंजीयन प्रमाण पत्र को सहज बनाने के लिए विभाग द्वारा 1 अक्टूबर 2024 से डिजिटल फार्म में प्रमाण पत्र उपलब्ध कराए जा रहे हैं। प्रदेश में ई-डिटेक्शन प्रणाली प्रारंभ करने की व्यवस्था की जा रही है। इस पर काम प्रगति पर है।
इस प्रणाली से चिन्हित स्थानों पर लगे कैमरों द्वारा वाहनों की नंबर प्लेट अपने आप स्कैन हो जाएगी। स्कैन किए गए वाहन क्रमांक से दस्तावेज वाहन पोर्टल से स्वत: जांच होकर सीधे ऑनलाइन भेज दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि आमजन के लिए सुरक्षित, सुगम और सुलभ परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना हमारा दायित्व है। बेहतर लोक परिवहन आसान यात्रा का साधन ही नहीं, प्रदेश के सामाजिक और आर्थिक विकास की जीवन रेखा भी है। प्रदेश की सीमा में अन्य राज्यों से आने वाले मालवाहक वाहनों की जांच के लिए परिवहन चौकियों और टोल नाकों को और अधिक आधुनिक एवं सुविधा सम्पन्न बनाया जाए। इसके लिए परिवहन चौकियों को शीघ्र ही एकीकृत (इंटीग्रेटेड) करने के प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राहवीर योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि परिवहन विभाग में मानव संसाधन की कमी की पूर्ति अभियान चलाकर की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सर्वाधिक दुर्घटना क्षेत्रों की मैपिंग करा ली जाए, जिससे जरूरतमंदों को जल्द से जल्द मेडिकल सर्विसेस मुहैया कराई जा सकें। विभिन्न विभागों द्वारा दी जा रही एम्बुलेंस सेवाओं को एक प्लेटफार्म पर लाया जाए, जिससे दुर्घटना क्षेत्रों में जरूरतमंद तक 30 मिनट से भी कम समय में एम्बुलेंस ऑटो मोड (जो स्पॉट से निकटतम हो) में पहुंच जाए।
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