
इंदौर। भीषण जलसंकट के मद्देनजर जनप्रतिनिधियों में भी आक्रोश है। विधायक महेन्द्र हार्डिया तो हालांकि पार्टी की सलाह पर चुप हो गए और भोपाल मुख्यमंत्री से भी मिले। इसके बाद कल अपर मुख्य सचिव प्रभारी इंदौर संभाग अनुपम राजन तथा प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मनीष सिंह ने रेसीडेंसी पर शहर की जलप्रदाय व्यवस्था को लेकर जनप्रतिनिधि और अफसरों के साथ बैठक की, जिसमें महापौर ने 50 करोड़ रुपए के विशेष आर्थिक पैकेज की शासन से मांग भी की, ताकि जल वितरण व्यवस्था सुधारी जा सके।
नगर निगम ने 600 से अधिक मुफ्त पानी बांट रहे टैंकरों की सूची भी जारी की थी और कल खुद आयुक्त नेरानी सती गेट के पास से गुजर रहे एक टैंकर को पकड़ा, जो पाŸवनाथ जैन कॉलोनी में पानी डाल रहा था। नागरिकों ने बताया कि टैंकर ड्राइवर ने पानी के बदले पैसे लिए। इस पर आयुक्त ने टैंकर जब्त कर उसकी एजेंसी आशा इंटर प्राइजेस पर 25 हजार की पैनल्टी ठोंकी। इसी तरह लसूडिय़ामोरी क्षेत्र में भी आयुक्त ने दो टैंकर बिना नम्बर और स्टीकर लगे पकड़े। दूसरी तरफ रेसीडेंसी में हुई बैठक में सांसद, महापौर, विधायकों ने जलसंकट को लेकर अपनी-अपनी मांगें रखी।
किसी ने पानी खींचती मोटरों पर रोक के लिए बिजली बंद करने का सुझाव दिया। दूसरे विधायक ने इस पर असहमति जाहिर कर दी। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने तीन वर्षों में 28 से अधिक पानी की टंकियां बनाने से लेकर जलप्रदाय व्यवस्था को लेकर किए गए उपायों की जानकारी दी। साथ ही 50 करोड़ रुपए की राशि भी मांगी। वहीं कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि जरूरत पडऩे पर निजी बोरिंगों को भी अधिग्रहित कर लिया जाएगा। शहर में उपलब्ध जल टंकियों के माध्यम से निर्धािरत शेड्यूल अनुसार वितरित करवाने के लिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। साथ ही नए हाईड्रेंट भी निर्मित करवाए जाएंगे। सांसद शंकर लालवानी ने कहा कि निर्बाध जलापूर्ति के लिए सभी स्तर पर समन्वय बनाकर काम किया जाए। बैठक में विधायक रमेश मेंदोला, श्रीमती मालिनी गौड़, गोलू शुक्ला, महेन्द्र हार्डिया,मधु वर्मा, पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय के अलावा आयुक्त क्षितिज सिंघल, अपर आयुक्त आशीष पाठक सहित अन्य मौजूद रहे। बैठक में नई कॉलोनियों में जल प्रदाय व्यवस्था और भविष्य की आवश्यकताओं के मद्देनजर योजनाएं बनाने और जनता के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों से लगातार सुझाव लेने की बात भी हुई।
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