
नई दिल्ली: बीजेपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी को भस्मासुर करार दिया है. बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा कि टूल किट मॉडल राहुल गांधी की उपज है. यह सरकार स्थिर है और मजबूत भी है. अंगद के पांव की तरह है. भाटिया ने कहा कि 100 राहुल गांधी भी आ जाएं तो हिला नहीं पाएंगे.
बीजेपी नेता ने कहा, ‘कल नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक बैठक में जो कहा और उसके बाद बाहर निकलकर एक वक्तव्य देते है उस पर है बड़े दुख की बात है कि जब वैश्विक संकट के दौरान कई देशों की अर्थव्यवस्था कमजोर पड़ गई है, तब दूसरी ओर पिछले 85 दिनों में पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत इस वैश्विक चुनौती का मजबूती से सामना कर रहा है. हमारी अर्थव्यवस्था मजबूत है.’
गौरव भाटिया ने कहा, ‘एक टूलकिट मॉडल, जो विध्वंसक, अराजक, अपरिपक्व, मूर्ख है वो राहुल गांधी की उपज है. कल एक बार फिर ऐसी ही टूलकिट सामने आई, जब राहुल गांधी ने दावा किया कि यह सरकार एक साल में गिर जाएगी. अगर तुम्हारा (राहुल गांधी) मकसद अराजकता फैलाना है, तो हमारा भी संकल्प है, भारत को और मजबूत बनाना. तुम भी एड़ी चोटी का जोर लगा लो, लेकिन हमने ठान लिया है कि भारत को और आगे ले जाना है.’
गौरव भाटिया ने दावा किया कि एक साल के भीतर कांग्रेस दो फाड़ हो जाएगी. उसके दो टुकड़े हो जाएंगे. उन्होंने कहा, ‘नकली गांधी परिवार के खिलाफ कांग्रेस में ही विद्रोह होगा. जिसकी रगों में ही हो विरोध हो, जब कांग्रेस पार्टी के अंदर ही है इनका विरोध होगा तो भारत छोड़कर भाग जाएंगे.’
बीजेपी प्रवक्ता ने कहा, ‘खरगे जी जो बात कह रहे हैं तो सबसे पहले राहुल गांधी और खरगे जी को उत्तर देना चाहिए. राहुल गांधी इस वैश्विक संकट में आपको देखना चाहिए कि दुनिया भर के देशों में महंगाई दर भारत की तुलना में कहीं ज्यादा है कई देशों में 30% से 50% तक है, भारत में 4 % है.’
उन्होंने कहा कि तेल की कीमतों की जो बात कर रहे हैं- पिछले 80 दिनों में दुनिया भर के तमाम देशों में तेल की कीमत कहां आ गई. जहां 60 फीसदी तक कीमतों में बढ़ोतरी हुई है, वहीं भारत में पांच फीसदी है. युद्ध के करीब 2 महीने तक भी तेल की कीमत नहीं बढ़ाई गई. पूरे विश्व गैस को लेकर किल्लत है, लेकिन भारत में उपभोक्ताओं को उपलब्ध है. वह कहते हैं कि भारत रूस से कच्चे तेल का आयात नहीं कर रहे क्यूंकि वो दबाव में है. यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं, जो किसी के दबाव में काम नहीं करते जो देश हित में होगा वह करेंगे. पिछले सालों में अगर सबसे ज़्यादा तेल का आयात हुआ तो वो रूस से हुआ है.
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