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16वीं बार जेल से बाहर आया डेरा प्रमुख, पैरोल मिलते ही सिरसा पहुंचा; सुरक्षा एजेंसियां हुईं अलर्ट

May 26, 2026

नई दिल्ली । डेरा (Dera) प्रमुख गुरमीत सिंह (Gurmeet Singh) एक बार फिर पैरोल (Parole) मिलने के बाद जेल से बाहर आ गया है। रोहतक की सुनारिया जेल (Sunaria Jail) से रिहाई के बाद वह मंगलवार सुबह सिरसा (Sirsa) स्थित डेरे में पहुंचा, जहां उसके आगमन को लेकर पहले से ही व्यापक तैयारियां की गई थीं। लगातार पैरोल मिलने को लेकर पहले भी चर्चा होती रही है और इस बार भी उसके बाहर आने के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। बताया जा रहा है कि उसे इस बार 23 दिन की पैरोल दी गई है। यह वर्ष 2026 में उसकी दूसरी पैरोल मानी जा रही है।

सुबह जेल से निकला, सिरसा पहुंचते ही बढ़ी हलचल
मंगलवार सुबह लगभग साढ़े छह बजे डेरा प्रमुख रोहतक की सुनारिया जेल से बाहर निकला। उसे लेने के लिए उसकी करीबी सहयोगी हनीप्रीत इंसा भी पहुंची थी। चार गाड़ियों के काफिले के साथ वह सिरसा के लिए रवाना हुआ और करीब दो घंटे बाद उसका काफिला शाह सतनाम धाम पहुंच गया। उसके पहुंचने से पहले ही बड़ी संख्या में अनुयायी वहां मौजूद थे।
प्रशासनिक स्तर पर भी स्थिति पर करीबी नजर रखी गई। सुरक्षा एजेंसियों ने रात से ही डेरे के आसपास निगरानी बढ़ा दी थी। एहतियात के तौर पर कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई और अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए। प्रशासन किसी भी संभावित भीड़ या कानून-व्यवस्था से जुड़ी स्थिति को लेकर सतर्क दिखाई दिया।

लगातार पैरोल को लेकर फिर शुरू हुई चर्चा
डेरा प्रमुख को बीते कुछ वर्षों में कई बार पैरोल और फरलो मिल चुकी है। वर्ष 2026 की शुरुआत में भी वह 40 दिनों की पैरोल पर बाहर आया था। उस दौरान धार्मिक कार्यक्रमों और डेरे से जुड़े कार्यों में उसकी सक्रियता देखी गई थी। अब एक बार फिर पैरोल मिलने के बाद यह मुद्दा चर्चा में आ गया है कि उसे लगातार राहत कैसे मिल रही है।
मौजूदा पैरोल के साथ यह उसकी 16वीं बार जेल से बाहर आने की घटना बताई जा रही है। लगातार मिल रही पैरोल को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं और इसे लेकर विभिन्न पक्ष अपनी राय रखते रहे हैं। हालांकि पैरोल प्रक्रिया कानूनी प्रावधानों के अंतर्गत तय नियमों के आधार पर संचालित होती है।


  • कानूनी मामलों पर भी बनी हुई नजर
    डेरा प्रमुख साध्वी यौन शोषण मामले में सजा काट रहा है। इसी मामले में उसे 20 साल की सजा सुनाई गई थी। हालांकि अन्य चर्चित मामलों में उसे हाल के समय में राहत मिली है। रणजीत हत्याकांड और छत्रपति हत्याकांड से जुड़े मामलों में अदालतों से उसे राहत मिल चुकी है। वहीं साध्वी मामले में कानूनी लड़ाई अभी भी जारी है और उससे जुड़ी याचिकाओं पर आगे सुनवाई की प्रक्रिया चल रही है।
    बताया जा रहा है कि पिछली पैरोल के दौरान उसने सिरसा स्थित पुराने डेरे के पुनर्निर्माण कार्यों की निगरानी भी की थी। वर्तमान में भी डेरे से जुड़े कई निर्माण और व्यवस्थागत कार्य जारी हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि इस बार की पैरोल अवधि के दौरान भी वह डेरे के प्रशासनिक और अन्य गतिविधियों पर ध्यान दे सकता है।

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