
इंदौर। धर्म बदल (Religious Conversion) कर शादी (Marriage) रचाने के मामले में एक दंपत्ति (Couple) द्वारा उसके परिवार को 24 घंटे सशस्त्र पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराने के संबंध में दायर याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी कि रिट याचिका (Writ Petition) में इस तरह के निर्देश पुलिस को नहीं है सकते।
मामला इस प्रकार है कि एक मुस्लिम महिला ने अपना धर्म परिवर्तन कर सन 2019 में एक हिंदू व्यक्ति से आर्य समाज में शादी कर ली थी। उसके दो छोटे बच्चे भी हैं। शादी के कुछ समय बाद इन्हें लगातार धमकियां मिलने के चलते इन्होंने पुख्ता सुरक्षा के लिए हाई कोर्ट में 2022 में याचिका लगाई थी जिस पर कोर्ट ने पुलिस को याचिकाकर्ता के अभ्यावेदन पर उचित कार्रवाई के निर्देश दिए थे। उस समय पुलिस ने इन्हें सशस्त्र पुलिसकर्मी उपलब्ध करा दिया था। बाद में उसे हटाकर एक होमगार्ड की तैनाती कर दी गई। इस पर उक्त दंपत्ति ने पुनः याचिका दायर कर कोर्ट से गुहार की कि अभी भी इन्हें लगातार धमकियां मिल रही है, इसके चलते सशस्त्र सुरक्षा 24 घंटे उपलब्ध कराने के निर्देश पुलिस को दे। जस्टिस जय कुमार पिल्लई की बेंच ने यह कहते हुए याचिका खारिज कर दी कि रिट क्षेत्राधिकार के तहत उक्त प्रदान नहीं की जा सकती। कोर्ट ने कहा कि सकयाचिकाकर्ता इस मामले में हमेशा स्थानीय पुलिस का सहारा लेने के लिए स्वतंत्र हैं। मामले में शासन की ओर से अधिवक्ता अमित भाटिया ने तर्क रखे।