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इंदौर में भाजपा नेताओं के मुखौटे वाले मटके फोड़कर कांग्रेस ने जताया विरोध

May 27, 2026

  • कांग्रेस कार्यालय ने भी मंगवाए थे 100 मटके, कार्यकर्ता घर ले गए

इन्दौर। जलसंकट को लेकर कांग्रेस का आक्रोश कल सडक़ पर फूट पड़ा। राजबाड़ा चौक पर हुई सभा के बाद कांग्रेसियों ने शहर के 13 जनप्रतिनिधियों के मुखौटे लगे मटके नगर निगम के गेट पर जाकर फोड़े और पानी नहीं मिलने को लेकर रोष जाहिर किया। कांग्रेस कार्यालय पर कल करीब 100 मटके मंगवाए गए थे। जो मटके फूटे नहीं वे कार्यकर्ता अपने घर ले गए। वहीं वार्डों से आए कांग्रेस पदाधिकारी भी अपने साथ खाली मटके लाए थे।

पानी को लेकर शहर में चल रही मारामारी के बीच कांग्रेस का यह सबसे बड़ा आंदोलन था। राजबाड़ा चौक पर कार्यकर्ताओं को गर्मी न लगे इसके लिए कांगे्रस द्वारा कूलर लगाए गए थेे और पीने के पानी की व्यवस्था भी की गई थी। कार्यकर्ता लगातार आंदोलन में आए लोागें को पानी पिलाते नजर आए। कल हुए धरने में कांग्रेस के प्रभारी एवं पूर्व मंत्री बाला बच्चन, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व मंत्री सज्जनसिंह वर्मा, सत्यनारायण पटेल, कृपाशंकर शुक्ला, महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष रीना बौरासी सहित बड़ी संख्या में ब्लाक, वार्ड अध्यक्षों के साथ कार्यकर्ता खाली मटके लेकर पानी मांगने पहुंचे।


  • करीब दो घंटे तक नेताओं ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। कांग्रेस पार्षदों ने भी अपने-अपने क्षेत्र में पीने के पानी की समस्या की बात कही। राजबाड़ा पर भीड़ इतनी अधिक हो गई कि शहर अध्यक्ष चिंटू चौकसे को बार-बार मंच से उतरकर कार्यकर्ताओं को बिठाना पड़ा। शहर कांग्रेस द्वारा महापौर, नौ विधायक, सांसद के मुखौटे लगे मटकों की व्यवस्था की गई थी, जिनको धरने के बाद नगर निगम के गेट के सामने फोड़ा गया। कार्यकर्ताओं ने मटके फोडक़र अपना विरोध जताया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में आम लोग भी पानी की समस्या को लेकर आए थे। जब कार्यकर्ता राजबाड़ा से नगर निगम की ओर जाने लगे, तब यातायात व्यवस्था संभाल रहे पुलिसकर्मियों के भी हाथ-पैर फूल गए और उन्हें एक ओर का ट्रैफिक बंद करना पड़ा। धरने के करीब एक घंटे बाद राजबाड़ा चौक का यातायात बहाल हो पाया।

    हार्डिया को आड़े हाथों लिया
    प्रदर्शन में कांग्रेस नेताओं ने भाजपा विधायक महेन्द्र हार्डिया की पहले तो तारीफ की कि उन्होंने अपने क्षेत्र में पानी की व्यवस्था नहीं होने पर महापौर पर आरोप लगया, लेकिन दो दिन बाद जब उन्होंने अपना बयान बदला तो समझ आया कि यह सब भाजपा की राजनीति है। कांग्रेस नेताओं ने बाबा को भी आड़े हाथों लिया और कहा कि वे सच का साथ नहीं दे रहे हैं।

    सज्जन ने महाभारत का कुंभकर्ण बता दिया
    पूर्व मंत्री सज्जनसिंह वर्मा ने महापौर और अधिकारियों को कुंभकर्ण बताया। हालांकि उन्होंने कह दिया कि महाभारत में एक कुंभकर्ण होता था, जबकि कुंभकर्ण रामायण का पात्र था। वर्मा ने यह बात एक बार नहीं, बल्कि बार-बार बोली और महाभारत का ही उल्लेख किया।

    …तो भाजपा के पार्षद ने विरोध क्यों किया?
    महापौर कह रहे हैं कि कांग्रेस पानी के नाम पर नौटंकी कर रही है। इसका जवाब देते हुए कांग्रेसियों ने कहा कि अगर ऐसा ही है तो भाजपा के वार्डों में भी पानी का वितरण बराबर नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि अभी कुछ दिन पहले अपने क्षेत्र में जलसमस्या को लेकर वार्ड 26 के पार्षद लालबहादुर वर्मा को लोगों के साथ विधायक रमेश मेंदोला के यहां जाना पड़ा था।

    पानी से लगातार कांग्रेस को मिल रही ऑक्सीजन, जोश में आने लगे कांग्रेसी
    कल के आंदोलन को देखकर लग रहा है कि शहर में कांग्रेस को पानी ही एक ऐसा मुद्दा है, जो लगातार ऑक्सीजन दे रहा है। भागीरथपुरा में हुए दूषित जल कांड और 34 लोगों की मौत के बाद यह मुद्दा पूरे देश में उछला था और कांग्रेस ने इसे भुनाया भी। यहां तक कि कांग्रेस के बड़े नेता राहुल गांधी तक भागीरथपुरा आ गए थे। कांग्रेस ने मृतकों के परिवार को आर्थिक सहायता भी दी थी। तब भी एक बड़ा प्रदर्शन चिंटू चौकसे ने किया था। इसके बाद जब वार्डों में जल वितरण नहीं हो पा रहा है तो कांग्रेस को एक मुद्दा यह भी मिल गया। इसे कांग्रेस के लिए जनसमर्थन जुटाने में ऑक्सीजन के बतौर देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषण किया जाए तो कांगे्रस अपने पुराने तेवर में नजर आने लगी है। अभी कुछ दिनों पहले ही 22 झोनों पर प्रदर्शन किया था और पानी की मांग की थी। कल के आंदोलन के बाद लग रहा है कि कांग्रेस भी अब गति पकडऩे लगी है। जिस तरह से लगातार एक के बाद एक भाजपा सरकार और निगम पर हमले किए जा रहे हैं, उससे लग रहा है कि कांग्रेस 2028 के चुनाव में अपना प्रदर्शन जोरदार कर सकती है। यही नहीं, कल जीतू पटवारी ने तो यह तक कह डाला कि 2028 में हमारी सरकार बन रही है और उसके बनने के बाद दोषियों पर हम कार्रवाई करेंगे और जेल की सलाखों के पीछे भेजेंगे।

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