
उज्जैन। वृंदावन (Vrindavan) के संत शिरोमणि प्रेमानंद महाराज (Premananda Maharaj) के अस्वस्थ होने की खबर से धर्मनगरी उज्जैन भावुक हो उठी। उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ और दीर्घायु की कामना को लेकर शुक्रवार को शहर के प्रमुख मंदिरों और आश्रमों में विशेष पूजा-अर्चना और अनुष्ठान किए गए। महाकाल मंदिर सहित कई देवस्थलों पर एक ही स्वर गूंजता रहा—महाराज जी जल्द स्वस्थ होकर भक्तों के बीच लौटें।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी महाराज ने उज्जैन प्रवास के दौरान कहा कि प्रेमानंद जी महाराज संत परंपरा के ऐसे दीप हैं, जिन्होंने लाखों लोगों के हृदय में भक्ति का प्रकाश फैलाया है। उनकी वाणी से वृंदावन ही नहीं, बल्कि पूरा विश्व सनातन की मिठास का अनुभव करता है। ऐसे संत का स्वस्थ रहना पूरे समाज के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि बाबा महाकाल के दर्शन कर समस्त अखाड़ों की ओर से प्रेमानंद महाराज के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना की गई है।
चारधाम मंदिर के महामंडलेश्वर शांति स्वरूपानंद महाराज ने कहा कि प्रेमानंद महाराज की सरलता और भक्ति ने असंख्य लोगों को सनातन धर्म से जोड़ा है। वे नित्य वृंदावन की परिक्रमा करते हैं और उनके साथ सैकड़ों भक्त चलते हैं। हमें पूर्ण विश्वास है कि ठाकुर जी की कृपा से वे जल्द स्वस्थ होकर फिर से अपने आशीर्वचन से भक्तों का मार्गदर्शन करेंगे।
भक्तों ने भी की शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना
श्री त्रिलोकेश्वर महादेव मंदिर के पुजारी पंडित सुधीर व्यास ने बताया कि महाराज जी के जल्द स्वस्थ होने की कामना को लेकर मंदिर में प्रतिदिन महामृत्युंजय मंत्र का जाप किया जा रहा है। भगवान को जल अर्पित कर उनके स्वास्थ्य की प्रार्थना की जा रही है।
श्रद्धालु रवि नागर ने कहा कि वे प्रतिदिन राधा नाम का जाप कर भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं कि प्रेमानंद महाराज का सान्निध्य और आशीर्वचन भक्तों को निरंतर मिलता रहे। वहीं मोहन भाटिया ने कहा कि महाराज जी ने हमें प्रेम और भक्ति से जीना सिखाया है, इसलिए आज पूरा उज्जैन उनके लिए एकजुट होकर प्रार्थना कर रहा है।
श्रद्धालु उषा चौधरी ने बताया कि प्रेमानंद महाराज के प्रवचन सुनकर उनके जीवन की दिशा बदल गई। वे प्रतिदिन उनके स्वास्थ्य के लिए 11 माला महामंत्र का जाप कर रही हैं। युवा भक्त अर्श रामकिशन, राकेश बारोड़ और अनिल राठौर ने कहा कि प्रेमानंद महाराज ने पूरे विश्व में सनातन धर्म का प्रचार-प्रसार किया है। उन्हें विश्वास है कि वे जल्द स्वस्थ होकर फिर भक्तों के बीच लौटेंगे। भक्तों का कहना है कि बाबा महाकाल की नगरी से उठी यह सामूहिक प्रार्थना वृंदावन तक जरूर पहुंचेगी और राधा नाम की शक्ति से प्रेमानंद महाराज शीघ्र स्वस्थ होंगे।
संत प्रेमानंद महाराज का भावुक वीडियो आया सामने
इधर, वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज की तबीयत पिछले कुछ दिनों से खराब चल रही है। बताया जा रहा है कि उनकी दोनों किडनी पूरी तरह स्वस्थ नहीं हैं, जिसके चलते उन्हें डायलिसिस करवाना पड़ रहा है। स्वास्थ्य कारणों से उनकी रात्रि पदयात्रा और एकांतिक दर्शन भी फिलहाल स्थगित कर दिए गए हैं।
हाल ही में उनका एक भावुक वीडियो भी सामने आया, जिसमें वे भक्तों से कहते नजर आए—“मैं रहूं या ना रहूं, मेरी चिंता मत करिए।” उन्होंने भक्तों से निश्चिंत रहने और गुरु के वचनों पर चलने का संदेश दिया। यह वीडियो सामने आने के बाद देशभर के भक्तों में भावुकता और बढ़ गई है।
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