
- दस्तावेज पंजीयन में 45 प्रतिशत हिस्सेदारी केवल महिलाओं की
उज्जैन। मध्य प्रदेश में महिलाओं के नाम पर प्रापर्टी की रजिस्ट्री करवाने पर दो प्रतिशत की छूट पंजीयन शुल्क में निर्धारित है। इसके बेहतर परिणाम देखने को मिल रहे हैं। बीते एक साल में उज्जैन में लगभग 200 करोड़ रुपए की जमीन, फ्लैट, घर, खेत व दुकान की सिर्फ महिलाएं मालकिन बनी हैं।
उल्लेखनीय है कि पंजीयन शुल्क और टैक्स में मिल रही छूट ने महिलाओं को आर्थिक रुप से मजबूत बनाया है। इसमें उज्जैन की महिलाएँ भी पीछे नहीं हैं। वर्तमान में शहर में 45 प्रतिशत रजिस्ट्रियाँ महिलाओं के नाम पर की जा रही हैं। ऐसे में महिलाएँ प्रापर्टी खरीदने में पुरुषों के बराबर पहुँच गई हैं। दरअसल, शासन ने छह अप्रैल 2021 को आदेश जारी कर महिलाओं के नाम प्रॉपर्टी खरीदने पर दो प्रतिशत छूट दी है। यह छूट नगर निगम में 10.50 प्रतिशत और ग्रामीण क्षेत्र में 7.5 प्रतिशत रजिस्ट्री कराने पर मिलती है। जबकि, यदि पुरुषों के नाम पर शहरी क्षेत्र में रजिस्ट्री कराई जाती है तो 12.5 प्रतिशत और ग्रामीण क्षेत्र में 9.5 प्रतिशत तक स्टांप शुल्क जमा करना पड़ता है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में लगभग 70 हजार दस्तावेज पंजीकृत हुए हैं। इनमें से लगभग 25 से 30 हजार दस्तावेज केवल महिलाओं के नाम पर दर्ज कराए गए हैं। यह आंकड़ा हर साल बढ़ रहा है। या यूं कहा जा सकता हैं कि अचल संपत्तियों पर महिलाओं का मालिकाना हक बढ़ रहा है। अच्छी बात ये है कि महिलाओं के नाम पर संपत्ति बुक कराकर उज्जैन शहर के लोगों ने 75 करोड़ की छूट का लाभ भी उठाया है। संपत्ति की रजिस्ट्री को लेकर इस कदर भीड़ रही कि छुट्टी का दिन होने के बावजूद उज्जैन के पंजीयन कार्यालय में रविवार को भी काम हुआ। जिला पंजीयन विभाग के अधिकारियों के अनुसार जिले में महिलाओं और पुरुषों के नाम पर रजिस्ट्री का रेशो 40 और 45 प्रतिशत है। जो कम ज्यादा होता रहता हैं।