
- 6 फीट ऊंचा और 100 फीट चौड़ा ब्रिज बनाया जा रहा है-बारिश से पहले नहीं बन पाएगा
उज्जैन। बारिश से पूर्व छोटी रपट का काम पूरा नहीं हो पाएगा और नदी में बाढ़ आने वाले अधूरा निर्माण कार्य डूबेगा। उल्लेखनीय है कि पहले यह छोटी रपट काफी नीचे थी जिससे परेशानी आती थी।
15 जून के बाद कभी भी बारिश शुरू हो सकती है और एक-दो बार नदी अपने पूरे उफान पर आती है और बड़े पुल तक पानी रहता है, वहीं छोटी रपट के ब्रिज का निर्माण अभी चल रहा है, सिर्फ एक ही छत का निर्माण हुआ है। बाकी अभी 5 से अधिक पिलर पर काम करना बाकी है और इसमें एक डेढ़ महीना लग सकता है और ऐसे में 30 जून तक का समय आ जाएगा। जब बारिश पूरी तरह शुरू हो जाएगी और इसके बाद एक-दो बार नदी उफान पर भी आती है। ऐसे में यदि ब्रिज पूरी तरह नहीं बनाया गया और अधूरा रखा गया तो यह निर्माण प्रभावित हो सकता है। निर्माण एजेंसी को चाहिए कि एक महीने के भीतर जितना जल्दी हो सके इस ब्रिज का ऊपर का काम कर लें, नहीं तो दिक्कतें बढ़ सकती है और यह ब्रिज बनाना एक चुनौती हो सकती है। आज मुख्यमंत्री के सचिव राजेश राजोरा सभी निर्माण को देखने निकले हैं। ब्रिज के निर्माण पर विशेष ध्यान देना चाहिए, क्योंकि बारिश के दिनों में शिप्रा उफान पर रहेगी और कुछ भी हो सकता है और नदी पर एक नहीं कई ब्रिज बन रहे हैं। अंगारेश्वर, चक्रतीर्थ, भूखी माता और भी अन्य क्षेत्रों में नदी पर ब्रिज बनाए जा रहे हैं। इनके कामों में तेजी लाना चाहिए, नहीं तो बारिश के मौसम में दिक्कत बढ़ सकती है।