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गुरु-पुष्य योग में करें ये छोटे उपाय, बढ़ सकते हैं धन और सौभाग्य के योग

May 31, 2026

नई दिल्ली। सनातन धर्म(Sanatan Dharma) में गुरु-पुष्य योग(Guru-Pushya Yoga) को सबसे शुभ और मंगलकारी(auspicious and propitious) योगों में गिना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जब गुरुवार के दिन पुष्य नक्षत्र(Pushya Nakshatra) का संयोग बनता है तब गुरु-पुष्य योग का निर्माण होता है। इसे गुरुपुष्यामृत योग भी कहा जाता है। ज्योतिष शास्त्र में इस योग को खरीदारी, निवेश, नए कार्यों की शुरुआत और समृद्धि प्राप्ति के लिए अत्यंत फलदायी माना गया है। वर्ष 2026 में यह विशेष संयोग 18 जून, गुरुवार को बन रहा है। पंचांग के अनुसार यह योग सुबह 5 बजकर 23 मिनट से 11 बजकर 23 मिनट तक प्रभावी रहेगा।

पुष्य नक्षत्र को 27 नक्षत्रों का राजा कहा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इसी नक्षत्र में धन और वैभव की अधिष्ठात्री देवी मां लक्ष्मी का प्राकट्य हुआ था। यही कारण है कि इस दिन की गई खरीदारी को अक्षय फल देने वाली माना जाता है। आमतौर पर लोग इस शुभ अवसर पर सोना, चांदी और अन्य कीमती वस्तुएं खरीदते हैं, लेकिन ज्योतिष और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कुछ साधारण और कम कीमत वाली वस्तुएं भी घर में सुख-समृद्धि का आगमन कर सकती हैं।

गुरु-पुष्य योग में पीतल का हाथी खरीदना बेहद शुभ माना जाता है। वास्तु और ज्योतिष शास्त्र में हाथी को ऐश्वर्य, शक्ति और समृद्धि का प्रतीक माना गया है। मान्यता है कि इस दिन घर में पीतल का हाथी स्थापित करने से आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और परिवार में खुशहाली बनी रहती है।

महालक्ष्मी यंत्र भी इस दिन खरीदने और स्थापित करने के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। धार्मिक विश्वास है कि गुरु-पुष्य योग में महालक्ष्मी यंत्र की स्थापना करने से धन संबंधी परेशानियां दूर होती हैं और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इसे घर के पूजा स्थल या व्यापारिक प्रतिष्ठान में स्थापित किया जा सकता है।

पीली कौड़ी को भी मां लक्ष्मी की प्रिय वस्तुओं में शामिल किया जाता है। मान्यता है कि गुरु-पुष्य योग के दिन सात पीली कौड़ियां खरीदकर लक्ष्मी पूजन करने के बाद तिजोरी या धन रखने के स्थान पर रखने से आर्थिक उन्नति के योग बनते हैं और धन संचय में वृद्धि होती है।

शंखपुष्पी की जड़ को भी विशेष महत्व दिया गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसे गुरु-पुष्य योग में घर लाकर विधिवत पूजन कर धन स्थान पर रखने से घर में समृद्धि और सकारात्मकता बनी रहती है। इसे मां लक्ष्मी के स्थायी आशीर्वाद का प्रतीक माना जाता है।


  • इसके अलावा एकाक्षी नारियल भी इस शुभ योग में खरीदने योग्य माना गया है। इसे मां लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है। मान्यता है कि गुरु-पुष्य योग में एकाक्षी नारियल घर लाकर पूजा स्थल में स्थापित करने और विधिपूर्वक पूजन करने से परिवार में सुख, शांति और आर्थिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है।

    धार्मिक दृष्टि से गुरु-पुष्य योग केवल खरीदारी का शुभ मुहूर्त नहीं बल्कि नए कार्यों की शुरुआत, निवेश, व्यापार विस्तार और शुभ संकल्पों को पूरा करने का भी श्रेष्ठ अवसर माना जाता है। हालांकि इन मान्यताओं का आधार धार्मिक विश्वास और परंपराएं हैं। श्रद्धालु अपनी आस्था के अनुसार इन उपायों को अपनाते हैं और मां लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त करने की कामना करते हैं।

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