नई दिल्ली। राज्यसभा (Rajya Sabha) की 27 सीटों के लिए होने वाले चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। बदलते राजनीतिक समीकरणों और हालिया विधानसभा चुनावों (Assembly Elections) के असर के बीच 18 जून को होने वाले मतदान पर सभी की नजरें टिकी हैं। इस बार चुनाव में क्रॉस-वोटिंग की आशंका भी चर्चा के केंद्र में है, जिससे कई राज्यों में मुकाबला रोचक हो सकता है।
सत्तारूढ़ गठबंधन एनडीए उच्च सदन में अपनी स्थिति और मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रहा है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि अगर अनुमान के मुताबिक सीटें मिलती हैं तो एनडीए राज्यसभा में 150 के आंकड़े के करीब या उससे आगे पहुंच सकता है। इससे संसद के उच्च सदन में सरकार की ताकत बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
मध्य प्रदेश में कांग्रेस की परीक्षा
मध्य प्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों पर चुनाव होना है, जहां मुकाबला दिलचस्प माना जा रहा है। कांग्रेस के पास एक सीट जीतने लायक संख्या बल है, लेकिन क्रॉस-वोटिंग की आशंका उसकी चिंता बढ़ा सकती है। पार्टी के भीतर उम्मीदवार चयन को लेकर भी मंथन जारी है। दूसरी ओर भाजपा दो सीटों पर मजबूत स्थिति में नजर आ रही है।
गुजरात में कांग्रेस के लिए मुश्किल दौर
गुजरात में कांग्रेस की स्थिति कमजोर बताई जा रही है। विधानसभा में सीमित संख्या बल के कारण पार्टी के लिए राज्यसभा सीट हासिल करना कठिन माना जा रहा है। यदि समीकरण नहीं बदले, तो लंबे समय बाद ऐसा हो सकता है कि राज्यसभा में गुजरात से कांग्रेस का प्रतिनिधित्व न रहे।
उपचुनाव भी बढ़ाएंगे रोमांच
मुख्य चुनावों के साथ कुछ सीटों पर उपचुनाव भी होने हैं, जिन पर राजनीतिक दलों की खास नजर बनी हुई है। इस्तीफों और राजनीतिक बदलावों के कारण खाली हुई इन सीटों पर उम्मीदवार चयन और गठबंधन की रणनीति अहम भूमिका निभा सकती है।
राज्यसभा चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद अब सभी की नजरें उम्मीदवारों की सूची और संभावित राजनीतिक समीकरणों पर टिकी हैं। आने वाले दिनों में तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है।
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