
इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर (Indore) में अब दो साल की बच्ची की मौत (Girl Death) का मामला बड़ा बनता जा रहा है। उल्टी-दस्त के कारण बीमार हुई बच्ची का इलाज के दौरान हुई मौत मे पुलिस ने परिजन की शिकायत पर जांच शुरू कर दी है। भंवरकुआं पुलिस (Bhanwarkuan Police) ने अब मौत के बाद दफनाई गई बच्ची का शव कब्र से निकालकर पोस्टमार्टम करवाया है। परिजन का आरोप है कि निजी अस्पताल में गलत उपचार के कारण मौत हुई। मामले में मेडिकल बोर्ड जांच रिपोर्ट देगा। पुलिस का कहना है कि इस मामले में चाचा नेहरु अस्पताल सहित तीन अस्पताल जांच के घेरे में हैं। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
थाना भंवरकुआं पुलिस के मुताबिक मामला बालदा कॉलोनी निवासी नितिन यादव और निशा यादव की दो वर्षीय बेटी काशवी का है। काशवी उल्टी-दस्त की बिमारी से परेशान थी। प्रभारी संतोष दूधी के मुताबिक बच्ची को 27 मई को सुबह 11:30 बजे भोलाराम उस्ताद रोड पर स्थित डॉ. अनिल घई के हेल्थ केयर हॉस्पिटल में इलाज के लिए लाए थे। दिन में उपचार होने के बाद रात को करीब 8 बजे हेल्थ केयर हॉस्पिटल से डिस्चार्ज कर दिया गया था।
रात्रि में फिर तबीयत खराब होने से 28 मई को परिजन फिर से दूसरे हॉस्पिटल मेट्रो हॉस्पिटल अंतिम चौराहा छत्रीपुरा ले गए, जहां से अधिक सीरियस होने के कारण उसे चाचा नेहरु अस्पताल ले गए। वहां उपचार के दौरान रात्रि 2 बजे काशी यादव की मृत्यु हो गई। 29 मई को पुलिस को सूचना दिए बगैर सुबह 11 बजे मृतिका को परिजन ने दफना दिया। फिर 2 जून की रात 8 बजे मृतका के परिजन थाने आए और आरोप लगाया कि प्रारंभिक उपचार क्षेत्र के हॉस्पिटल हेल्थ केयर में सही नहीं हुआ इस कारण से बेटी की मृत्यु हुई है। लिखित आवेदन पत्र पर मर्ग दर्जकर जांच में लिया गया।
थाना प्रभारी संतोष दूधी के मुताबिक मामले में मेडिकल बोर्ड जांच रिपोर्ट देगा। कब्र से निकालकर बच्ची के शव का पोस्टमर्टम किया गया है। पोस्टमार्टम के बाद विसरा जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजा जाएगा। पुलिस का कहना है कि इस मामले में बच्ची का उपचार शुरू होने से लेकर जिन अस्पतालों में ले जाया गया, तीनों अस्पताल जांच के घेरे में हैं। मेडिकल बोर्ड की जांच रिपोर्ट आने के बाद देगा प्रकरण में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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