
नई दिल्ली ।महाराष्ट्र (Maharashtra) के नासिक (Nashik) में सामने आए चर्चित TCS प्रकरण में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (Special Investigation Team) (SIT) की चार्जशीट ने मामले को नई दिशा दे दी है। जांच दस्तावेजों में दर्ज पीड़िता के बयानों के आधार पर कई गंभीर आरोप सामने आए हैं, जिनमें मानसिक दबाव, धार्मिक प्रभाव और कथित धर्मांतरण (Religious Conversion) प्रयासों से जुड़े दावे शामिल हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच एजेंसियां (Investigation Agencies) विभिन्न पहलुओं की विस्तार से पड़ताल कर रही हैं।
चार्जशीट के अनुसार 23 वर्षीय शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि मुख्य आरोपी दानिश शेख और उसके सहयोगियों ने उसे लगातार प्रभावित करने का प्रयास किया। पीड़िता का दावा है कि उसे बार-बार ऐसे धार्मिक वीडियो देखने के लिए कहा जाता था, जिनके माध्यम से उसकी सोच और विश्वासों को बदलने की कोशिश की गई। जांच में यह भी उल्लेख किया गया है कि उसे विभिन्न धार्मिक अवधारणाओं और मान्यताओं से परिचित कराया गया तथा यह विश्वास दिलाने का प्रयास किया गया कि इससे उसकी व्यक्तिगत और मानसिक समस्याओं का समाधान हो सकता है।
जांच दस्तावेजों में दर्ज बयान के अनुसार आरोपी दानिश शेख ने कथित रूप से शिकायतकर्ता को अपनी पारंपरिक धार्मिक गतिविधियों से दूरी बनाने की सलाह दी थी। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि उसे विशेष धार्मिक पद्धतियों का पालन करने और अपनी जीवनशैली में बदलाव करने के लिए प्रेरित किया गया। चार्जशीट में यह भी उल्लेख है कि आरोपी को उसके बैंक खातों और वित्तीय जानकारी तक पहुंच संबंधी जानकारी थी, जिसकी भी जांच की जा रही है।
मामले में एक अन्य आरोपी तौसीफ अत्तार पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पीड़िता का कहना है कि उसे कुछ विशिष्ट धार्मिक उपदेशकों के वीडियो और भाषण सुनने के लिए कहा गया था। जांच एजेंसियों ने इन दावों को चार्जशीट में शामिल करते हुए संबंधित डिजिटल साक्ष्यों और संचार माध्यमों की भी जांच की है।
एफआईआर और चार्जशीट के अनुसार आरोपी निदा खान की भूमिका भी जांच के दायरे में है। आरोप है कि वह एक व्हाट्सएप समूह के माध्यम से कुछ कर्मचारियों के संपर्क में रहती थी और उन पर विशेष धार्मिक प्रथाओं का पालन करने का दबाव बनाती थी। जांचकर्ता इस दावे की पुष्टि के लिए डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का परीक्षण कर रहे हैं।
मई में दाखिल पहली चार्जशीट में 100 से अधिक गवाहों के बयान शामिल किए गए हैं। इनमें शिकायतकर्ता, उसके परिवार के सदस्य, कंपनी के कर्मचारी, आंतरिक शिकायत समिति के सदस्य तथा जांच अधिकारी शामिल हैं। जांच का दायरा बढ़ने के बाद संबंधित अन्य शिकायतों को भी इस प्रक्रिया में जोड़ा गया है, जिससे मामले की व्यापक पड़ताल की जा सके।
इस प्रकरण में कई आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं और उनकी जमानत याचिकाओं पर अदालत में सुनवाई चल रही है। पुलिस का कहना है कि जांच अभी पूरी नहीं हुई है और नए तथ्यों के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जा सकती है। अदालत में प्रस्तुत दस्तावेजों और साक्ष्यों की कानूनी जांच के बाद ही आरोपों की अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।
वहीं, इस पूरे मामले पर TCS ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि कंपनी किसी भी प्रकार के उत्पीड़न, दबाव या अनुचित व्यवहार के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति अपनाती है। कंपनी ने संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग देने की बात कही है। फिलहाल यह मामला न्यायिक प्रक्रिया में है और जांच एजेंसियां सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।
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