लखनऊ। समाजवादी पार्टी (SP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने अयोध्या स्थित राम मंदिर ट्रस्ट (Ram Mandir Trust) से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के मुद्दे पर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय (Champat Rai) की ओर से दिए गए स्पष्टीकरण पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इस पूरे मामले में ट्रस्ट की प्रतिक्रिया को अपर्याप्त बताते हुए पारदर्शिता की मांग की है।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि जिस तरह से मामले पर प्रतिक्रिया दी गई है, उससे कई सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने लिखा कि यदि मामला इतना गंभीर नहीं है, तो फिर स्पष्टीकरण देने में देरी क्यों हुई और इसे लेकर स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक तौर पर क्यों नहीं रखी गई।
सपा प्रमुख ने मांग की कि राम मंदिर ट्रस्ट के सभी सदस्य एक साथ बैठकर पूरे मामले पर विस्तृत स्पष्टीकरण दें। उन्होंने कहा कि वित्तीय आंकड़ों के सत्यापन के लिए सीसीटीवी फुटेज जैसे तकनीकी साक्ष्यों का भी इस्तेमाल किया जाना चाहिए। अखिलेश ने दावा किया कि यदि सभी ट्रस्टी एक साथ बैठेंगे तो स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब कथित गड़बड़ी को लेकर किसी एक व्यक्ति विशेष पर सीधे आरोप नहीं हैं, तो फिर केवल एक सदस्य की ओर से दिए गए स्पष्टीकरण को पर्याप्त कैसे माना जा सकता है।
स्पष्टीकरण में देरी पर भी सवाल
अखिलेश यादव ने यह भी पूछा कि कथित तौर पर 40 सेकंड के स्पष्टीकरण के लिए कई घंटे का इंतजार क्यों करना पड़ा। उनके मुताबिक, पूरे मामले में प्रदेश सरकार की चुप्पी और ट्रस्ट की प्रतिक्रिया दोनों संदेह पैदा करती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सफाई महज औपचारिकता जैसी प्रतीत हो रही है।
सपा प्रमुख ने कहा कि इस प्रकरण को लेकर देश और दुनिया के सनातन समाज में सवाल उठ रहे हैं और पारदर्शिता के जरिए ही स्थिति स्पष्ट की जा सकती है। हालांकि, राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से पहले ही इन आरोपों पर अपना पक्ष रखा जा चुका है।
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