
सियोल। उत्तर कोरिया (North Korea) की नेता और तानाशाह किम जोंग उन (Kim Jong Un) की बहन किम यो जोंग (Kim Yo Jong) ने अमेरिका (America) को सीधी चेतावनी देते हुए कहा है कि उनका देश परमाणु हथियारों से कभी मुक्त नहीं होगा। रविवार को जारी बयान में किम जोंग उन की बहन ने अमेरिका के परमाणु निरस्त्रीकरण के प्रयासों को ‘बीते जमाने का अव्यावहारिक सपना’ करार दिया। किम यो जोंग ने साफ कहा कि अमेरिकी खतरों के बावजूद उत्तर कोरिया अपने परमाणु हथियारों का भंडार लगातार बढ़ाता रहेगा। उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका का कोई भी दावा उत्तर कोरिया को परमाणु शक्ति संपन्न देश के रूप में दिए गए दर्जे को चुनौती नहीं दे सकता और न ही उसका कोई कानूनी महत्व है।
बता दें कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग सोमवार को उत्तर कोरिया की यात्रा पर पहुंच रहे हैं। यह उनकी पिछले सात वर्षों में पहली उत्तर कोरिया यात्रा होगी, जहां वे किम जोंग उन से मुलाकात करेंगे।
ट्रंप-शी वार्ता पर झूठा दावा
किम यो जोंग ने पिछले महीने बीजिंग में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनफिंग के बीच हुई शिखर वार्ता के बाद अमेरिका के दावों को ‘झूठी जानकारी’ बताया। वाइट हाउस ने दावा किया था कि दोनों नेताओं ने उत्तर कोरिया के परमाणु निरस्त्रीकरण के साझा लक्ष्य की पुष्टि की है। किम यो जोंग ने कहा कि कुछ अमेरिकी अधिकारी अब भी वास्तविकता से दूर हैं और पुराने सपनों से बाहर नहीं निकल पाए हैं।
2019 की विफलता के बाद कार्यक्रम तेज
2019 में किम जोंग उन और तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई वार्ता विफल हो जाने के बाद उत्तर कोरिया ने अपने परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम को तेजी से विस्तार दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि किम जोंग उन अंतरराष्ट्रीय समुदाय से उत्तर कोरिया को परमाणु शक्ति के रूप में औपचारिक मान्यता दिलाना चाहते हैं, ताकि देश पर लगे आर्थिक प्रतिबंध हटाए जा सकें।
रविवार को राज्य मीडिया केसीएनए ने रिपोर्ट किया कि किम जोंग उन ने सप्ताहांत में एक प्रमुख गोला-बारूद कारखाने का निरीक्षण किया और वहां उत्पादन क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य पर्याप्त मात्रा में मिसाइलों की आपूर्ति सुनिश्चित करना था।
अमेरिका-चीन समझौते की खबरें बेबुनियाद
किम यो जोंग ने अमेरिका-चीन शिखर सम्मेलन के दौरान उत्तर कोरिया के परमाणु मुद्दे पर हुई कथित चर्चाओं की खबरों को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि आत्मरक्षा के लिए परमाणु युद्ध निवारक क्षमता मजबूत करने की नीति राष्ट्रपति किम जोंग उन का ‘अपरिवर्तनीय अंतिम निष्कर्ष’ है, जिसे बिना किसी शर्त के लागू किया जाएगा।
कोरिया इंस्टीट्यूट फॉर नेशनल यूनिफिकेशन के विश्लेषक हांग मिन ने बताया कि किम यो जोंग का यह बयान प्योंगयांग की अमेरिका-चीन किसी भी संभावित समझौते के प्रति संवेदनशीलता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। उनका मुख्य संदेश यह था कि उत्तर कोरिया के परमाणु निरस्त्रीकरण पर किसी भी तरह की अमेरिका-चीन चर्चा की खबरें पूरी तरह झूठी हैं।
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