
नई दिल्ली। भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच हुआ ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) 15 जुलाई 2026 से लागू हो जाएगा। दोनों देशों ने बुधवार को इसकी आधिकारिक घोषणा की। इस समझौते के लागू होने के बाद भारत और ब्रिटेन के कारोबारियों को बड़े स्तर पर शुल्क (टैरिफ) में राहत मिलेगी और दोनों देशों के बीच व्यापार को नई गति मिलेगी। यह समझौता हस्ताक्षर होने के बाद सबसे तेजी से लागू होने वाले व्यापार समझौतों में से एक माना जा रहा है। अब कारोबारियों के पास इसकी तैयारियां पूरी करने के लिए 28 दिन का समय है।
व्यापार में होगा बड़ा इजाफा
ब्रिटेन सरकार के अनुसार, इस समझौते से लंबे समय में ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था (जीडीपी) में लगभग 4.8 अरब पाउंड की बढ़ोतरी होगी। वहीं, वास्तविक मजदूरी में 2.2 अरब पाउंड का इजाफा होने का अनुमान है। इसके अलावा भारत और ब्रिटेन के बीच द्विपक्षीय व्यापार हर साल 25.5 अरब पाउंड तक बढ़ सकता है।
कई उत्पादों पर कम होगा शुल्क
इस समझौते के तहत कई ब्रिटिश उत्पादों पर भारत में लगने वाले आयात शुल्क में बड़ी कटौती की जाएगी।
ब्रिटिश व्हिस्की पर शुल्क 150% से घटाकर 40% किया जाएगा।
ऑटोमोबाइल क्षेत्र में शुल्क 100% से घटाकर 10% किया जाएगा, हालांकि यह निर्धारित कोटा के तहत होगा।
कॉस्मेटिक उत्पादों पर लगने वाला 22% तक का शुल्क समाप्त किया जाएगा या चरणबद्ध तरीके से खत्म होगा।
भारतीय उत्पादों को भी मिलेगा फायदा
ब्रिटेन भी भारत से आने वाले कई उत्पादों पर शुल्क कम करेगा। इसमें कपड़े, जूते-चप्पल और कुछ खाद्य उत्पाद शामिल हैं। इससे भारतीय निर्यातकों को ब्रिटिश बाजार में बेहतर अवसर मिलेंगे। ब्रिटेन का कहना है कि भारतीय सामान के आयात पर लागत कम होने से वहां के उपभोक्ताओं को सस्ते उत्पाद और अधिक विकल्प मिल सकेंगे।
पेशेवरों और कर्मचारियों को भी राहत
समझौते के साथ ही यूके-इंडिया डबल कंट्रीब्यूशन कन्वेंशन एग्रीमेंट भी लागू होगा। इसके तहत काम के लिए भारत जाने वाले ब्रिटिश नागरिकों और ब्रिटेन जाने वाले भारतीय पेशेवरों को सामाजिक सुरक्षा योगदान को लेकर राहत मिलेगी। अब ब्रिटेन से भारत आने वाले कर्मचारी 36 महीने की बजाय 60 महीने तक केवल अपने देश की सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था में योगदान दे सकेंगे और उन्हें भारत में अतिरिक्त सामाजिक सुरक्षा भुगतान नहीं करना होगा। यही सुविधा भारतीय पेशेवरों को भी मिलेगी।
ब्रिटिश मंत्री ने क्या कहा?
ब्रिटेन के व्यापार एवं व्यवसाय मंत्री पीटर काइल ने कहा कि सरकार चाहती है कि व्यवसाय और आम लोग इस समझौते का लाभ जल्द से जल्द महसूस करें। उनके अनुसार, पहले ही वर्ष में करीब 40 करोड़ पाउंड के शुल्क में कटौती का फायदा मिलेगा। उन्होंने कारोबारियों से अपील की कि वे अगले 28 दिनों में जरूरी पंजीकरण और तैयारियां पूरी कर लें ताकि 15 जुलाई से समझौते का पूरा लाभ उठा सकें।
भारत के लिए क्यों खास है समझौता?
ब्रिटेन का कहना है कि यह भारत द्वारा अब तक लागू किया गया सबसे व्यापक व्यापार समझौता होगा। इससे दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, रोजगार और आर्थिक सहयोग को नई मजबूती मिलेगी। साथ ही भारतीय कंपनियों को ब्रिटिश बाजार और ब्रिटिश कंपनियों को भारत के विशाल उपभोक्ता बाजार तक बेहतर पहुंच मिलेगी।
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