
टेंट लगाने की अनुमति मिलते ही धरने पर बैठेंगे, राजस्व कामकाज पर पड़ेगा असर
इंदौर। अपनी लंबित मांगों को लेकर जिले के पटवारियों (Patwaris) ने कल शाम से अनिश्चितकालीन हड़ताल (indefinite strike) शुरू कर दी। हड़ताल के पहले ही दिन पटवारियों ने अपने बस्ते (official bags) जमा कर दिए और विभागीय व्हाट्सएप ग्रुप (WhatsApp groups) भी छोड़ दिए है। इसके साथ ही उन्होंने नियमित शासकीय कार्यों से दूरी बना ली है। अब टेंट लगाने की प्रशासनिक अनुमति मिलते ही सभी पटवारी धरना स्थल पर विरोध प्रदर्शन शुरू करेंगे।
लंबे समय से अपनी मांगों को शासन के समक्ष रखने के बावजूद भी सुनवाई नहीं होने पर अब पटवारी संघ ने हड़ताल का ऐलान कर दिया है। कल देर शाम तक सभी पटवारी ने अपने बसते कलेक्टर कार्यालय में जमा करवा दिए वहीं सरकारी ग्रुप से भी लेफ्ट कर दिया है। 3 दिन के सामूहिक अवकाश काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन और अन्य चेतावनियों केबाद भी सुनवाई नही होने पर हड़ताल शुरू हो गई है।अब पटवारियों की हड़ताल का सीधा असर 7 अगस्त से शुरू हो रही जन्म विश्वास अभियान पर पड़ेगा। नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, नक्शा-खसरा, फसल गिरदावरी, आय-जाति और निवास प्रमाण पत्रों से जुड़े सत्यापन सहित कई महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हो सकते हैं। आम लोगों को भी राजस्व संबंधी कामों के लिए इंतजार करना पड़ सकता है। पटवारी संघ का कहना है कि सरकार को कई बार ज्ञापन और आंदोलन के माध्यम से समस्याओं से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। इसी कारण प्रदेशव्यापी आह्वान पर अनिश्चितकालीन हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा है।
मांगें पूरी होने तक नहीं लौटेंगे काम पर
मध्य प्रदेश पटवारी संघ इंदौर के अध्यक्ष मनोज परिहार ने बताया कि पटवारी संघ की प्रमुख मांगों में वेतन विसंगति का निराकरण, पदोन्नति की व्यवस्था, कार्यभार के अनुरूप सुविधाएं, लंबित भत्तों का भुगतान, सेवा संबंधी समस्याओं का समाधान तथा पूर्व में हुए समझौतों को लागू करना शामिल है। जज प्रोटेक्शन एक्ट में शामिल करने नायब तहसीलदार की विभागीय परीक्षा आयोजित करने कैडर रिव्यू लागू करने जैसी मांगे पूरी नहीं होती या जब तक सरकार मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक हड़ताल और विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
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