
जबलपुर। जिले की शहपुरा थाना पुलिस एक बार फिर गंभीर आरोपों के घेरे में है। सड़क दुर्घटना में घायल एक बुजुर्ग को न्याय दिलाने के बजाय कथित तौर पर पुलिस ने घंटों तक थाने के बाहर एम्बुलेंस में तड़पने के लिए छोड़ दिया। आरोप है कि पुलिस हादसे के आरोपी कार चालक और उसके परिजनों के साथ थाने के भीतर बातचीत में व्यस्त रही, जबकि घायल बुजुर्ग दर्द से कराहते रहे। मामले को लेकर पीडि़त परिवार ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। जानकारी के अनुसार किसरौध निवासी मोहित प्रधान ने एसपी कार्यालय में दिए गए आवेदन में बताया कि 11 जून की रात करीब 8:45 बजे किसरौध टोल नाके के पास उनके पिता रामजी प्रधान अपनी मोटरसाइकिल से जा रहे थे। इसी दौरान एक तेज रफ्तार कार चालक गलत दिशा से आया और उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि रामजी प्रधान सड़क पर गिर पड़े और उनके हाथ-पैर सहित शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं।
तीन घंटे तक पड़े रहे घायल बुजुर्ग
आरोप है कि थाने पहुंचने के बाद भी पुलिस ने न तो रिपोर्ट दर्ज की और न ही घायल की स्थिति को गंभीरता से लिया। रामजी प्रधान करीब तीन घंटे तक थाने के बाहर खड़ी एम्बुलेंस में ही पड़े रहे। इस दौरान उन्हें तेज बुखार भी आ गया और दर्द लगातार बढ़ता गया। परिजनों का कहना है कि वे बार-बार पुलिस से कार्रवाई की गुहार लगाते रहे, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई।
कार मालिक से सेटिंग में व्यस्त रही पुलिस!
पीडि़त पक्ष ने आरोप लगाया है कि इसी दौरान पुलिस ने आरोपी कार चालक और वाहन मालिक को थाने बुलाया और लंबे समय तक बंद कमरे में बातचीत करती रही। परिजनों का आरोप है कि पुलिस की प्राथमिकता घायल को न्याय दिलाने के बजाय मामले को दबाने की थी। बातचीत के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने से इनकार कर दिय।
अस्पताल में चल रहा इलाज
बताया गया है कि घटना के बाद घायल रामजी प्रधान की हालत बिगडऩे पर उन्हें जबलपुर के मोहनलाल हरगोविंददास अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। चिकित्सकों के अनुसार उन्हें गंभीर चोटें आई हैं और लगातार निगरानी में रखा गया है।थक-हारकर पीडि़त मोहित प्रधान ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने मांग की है कि आरोपी कार चालक के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए तथा मामले में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच कर उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाए।
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