नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद शशि थरूर (Shashi Tharoor) एक बार फिर अपनी ही पार्टी के नेताओं के निशाने पर आ गए हैं। इस बार विवाद जम्मू-कश्मीर (J&K) दौरे के दौरान की गई उनकी टिप्पणी को लेकर खड़ा हुआ है। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की सराहना करने वाले उनके बयान पर भी कांग्रेस के भीतर असहमति देखने को मिली थी।
तिरुवनंतपुरम से लोकसभा सांसद थरूर ने श्रीनगर में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा किया था। उन्होंने लिखा कि मुलाकात के दौरान प्रदेश के हालात और सामान्य स्थिति की दिशा में हो रही प्रगति पर सकारात्मक चर्चा हुई। थरूर ने यह भी कहा कि क्षेत्र में अभी कई चुनौतियां मौजूद हैं, लेकिन बातचीत के बाद उन्हें आशावादी माहौल का एहसास हुआ।
उन्होंने अपने संदेश में यह भी उल्लेख किया कि उपराज्यपाल मनोज सिन्हा कश्मीरी लेखक संघ और एक महिला संगठन की अध्यक्ष से चर्चा कर रहे थे, जिसे उन्होंने एक सकारात्मक पहल बताया।
थरूर की इस टिप्पणी पर जम्मू-कश्मीर कांग्रेस के प्रवक्ता रविंद्र शर्मा ने आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने कहा कि यदि थरूर वास्तव में क्षेत्र की स्थिति को समझना चाहते हैं तो उन्हें आम लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं से भी मुलाकात करनी चाहिए थी।
रविंद्र शर्मा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोग उनसे मिलकर अपनी समस्याएं और जमीनी हकीकत साझा करना चाहते थे। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि कांग्रेस कार्यकर्ता लंबे समय से राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं और थरूर को उनसे भी संवाद करना चाहिए था।
हाल के दिनों में शशि थरूर का एक अन्य बयान भी कांग्रेस के भीतर चर्चा का विषय बना था। उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समक्ष भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा मजबूती से उठाया और यह स्पष्ट किया कि युद्ध की परिस्थितियों में भी व्यापारिक जहाजों पर काम करने वाले नाविकों को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए।
थरूर के इस बयान पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी। खेड़ा ने कटाक्ष करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री और अमेरिकी राष्ट्रपति की मुलाकात से जुड़ी आधिकारिक जानकारी में ऐसे किसी उल्लेख का जिक्र नहीं है, फिर भी थरूर को यह सब सुनाई दे गया। उन्होंने सवाल उठाया कि जिन बातों का आधिकारिक रिकॉर्ड में जिक्र नहीं है, उन्हें तथ्य के रूप में कैसे प्रस्तुत किया जा सकता है।
विवाद बढ़ने के बाद शशि थरूर ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दे को राजनीतिक विवाद का विषय बनाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि तीन भारतीय नाविकों की मौत हुई है और उनकी चिंता केवल भारतीय नागरिकों की सुरक्षा तथा इस सिद्धांत को लेकर थी कि नागरिक समुद्री कर्मियों को कभी भी सैन्य कार्रवाई का लक्ष्य नहीं बनाया जाना चाहिए।
थरूर ने यह भी कहा कि यदि कुछ लोग इस मुद्दे पर गंभीर चर्चा करने के बजाय राजनीतिक लाभ लेने में अधिक रुचि रखते हैं तो यह उनकी सोच को दर्शाता है। उनके अनुसार, भारतीय नागरिकों के जीवन और सुरक्षा के सवाल पर सभी को एकजुट होकर काम करना चाहिए, न कि राजनीतिक मतभेदों में उलझना चाहिए।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर कांग्रेस के भीतर शशि थरूर और पार्टी नेतृत्व के बीच मतभेदों की चर्चाओं को हवा दे दी है।
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