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तमिलनाडु में NEET बैन पर आर-पार, 10 दिन से भूख हड़ताल पर छात्र; अभिजीत दीपके ने दिया खुला समर्थन

August 11, 2026

नई दिल्ली। तमिलनाडु(Tamil Nadu) में राष्ट्रीय पात्रता(National Eligibility) सह प्रवेश परीक्षा यानी(Entrance exam) NEET को लेकर छात्रों का आंदोलन(Agitation) लगातार तेज होता जा रहा है। चेन्नई में NEET पर प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर एंटी NEET फेडरेशन के तीन सदस्य पिछले 10 दिनों से लगातार भूख हड़ताल पर बैठे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि राज्य सरकार को केंद्र के खिलाफ अपना रुख स्पष्ट करते हुए NEET को खत्म करने के लिए तत्काल कदम उठाने चाहिए। इसी बीच CJP प्रमुख अभिजीत दीपके ने भी आंदोलनकारी छात्रों से संपर्क कर उनकी मांगों का समर्थन किया है। उन्होंने वीडियो कॉल के जरिए प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और उनके आंदोलन के प्रति एकजुटता जताई।

चेन्नई में शुरू हुए इस अनिश्चितकालीन अनशन में शुरुआत में चार लोग शामिल हुए थे लेकिन एक प्रदर्शनकारी की तबीयत बिगड़ने के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया और उसने अनशन वापस ले लिया। इसके बाद तीन प्रदर्शनकारी लगातार भूख हड़ताल पर डटे हुए हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक NEET को लेकर सरकार ठोस फैसला नहीं करती तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उनका आरोप है कि NEET के कारण राज्य के छात्रों के सामने शिक्षा और मेडिकल प्रवेश को लेकर गंभीर चुनौतियां खड़ी हो रही हैं और इसे खत्म करना जरूरी है।

एंटी NEET फेडरेशन की ओर से आंदोलन का नेतृत्व कर रहीं एस अनीता के भाई मणिरत्नम ने बताया कि सोमवार को CJP की तमिलनाडु इकाई के कुछ सदस्य नई दिल्ली में अभिजीत दीपके से मिले थे। उन्होंने उन्हें चेन्नई में चल रहे आंदोलन की पूरी जानकारी दी। खराब स्वास्थ्य के कारण दीपके स्वयं प्रदर्शन स्थल पर नहीं पहुंच सके लेकिन उन्होंने फोन और वीडियो कॉल के जरिए अनशनकारियों से बातचीत की और उनकी मांगों का समर्थन किया। मणिरत्नम के मुताबिक आंदोलनकारियों का स्पष्ट मानना है कि NEET पर प्रतिबंध लगाने और शिक्षा को राज्य सूची के अंतर्गत लाने से ही समस्या का स्थायी समाधान संभव है। उन्होंने यह भी दावा किया कि SFI की राष्ट्रीय संयुक्त सचिव आइशी घोष के 20 अगस्त को आंदोलन में शामिल होने की संभावना है।

इस बीच तमिलनाडु सरकार ने भी प्रदर्शनकारियों से बातचीत शुरू कर दी है। रविवार रात राज्य के स्वास्थ्य मंत्री केजी अरुणराज ने अनशनकारियों से मुलाकात की और उनसे भूख हड़ताल खत्म करने की अपील की। मंत्री ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार विधानसभा में NEET के खिलाफ प्रस्ताव लाने की दिशा में कदम उठाएगी। सरकार की ओर से प्रस्ताव पारित कराने के लिए 10 दिन का समय मांगा गया लेकिन प्रदर्शनकारियों ने इसे स्वीकार नहीं किया। उनका कहना है कि यदि सरकार दो से तीन दिन के भीतर प्रस्ताव पारित करने की दिशा में ठोस कदम उठाती है तभी वे अपना अनशन समाप्त करने पर विचार करेंगे।


  • प्रदर्शनकारियों ने यह भी मांग की है कि उन्हें केंद्र सरकार के खिलाफ सार्वजनिक स्थान पर लगातार विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति दी जाए। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर स्पष्ट निर्णय नहीं होता तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

    तमिलनाडु में चल रहा यह आंदोलन ऐसे समय में सामने आया है जब पड़ोसी राज्य झारखंड में भी छात्रों और अभ्यर्थियों का विरोध प्रदर्शन सरकार के लिए चुनौती बना हुआ है। झारखंड में JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर अभ्यर्थी आंदोलन कर रहे हैं। वहां प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई है। ऐसे में अलग-अलग राज्यों में प्रतियोगी परीक्षाओं और शिक्षा व्यवस्था को लेकर बढ़ता असंतोष सरकारों के लिए गंभीर चुनौती बनता दिखाई दे रहा है।

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