
- विभागीय समीक्षा बैठक में बारिश में पूरे हो सकने वाले कार्यों में तेजी लाने के कलेक्टर ने दिए निर्देश
उज्जैन। जिले में चल रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए करेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बारिश के मौसम में निर्माण स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था की जाए साथ ही ऐसे छोटे-छोटे निर्माण कार्य, जो लगभग पूर्णता की स्थिति में हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा किया जाए।
बुधवार को सम्राट विक्रमादित्य प्रशासनिक संकुल में आयोजित समीक्षा बैठक में कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने कहा कि बारिश के दौरान जिन कार्यों को पूरा किया जा सकता है, उनमें गति लाई जाए। विशेष रूप से ऐसे कार्य, जिनमें केवल अंतिम चरण का काम शेष है, उन्हें तत्काल पूरा किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को अगली बैठक से पहले अपने विभागों के सभी प्रचलित कार्यों की पूरी जानकारी तैयार रखने और प्रगति रिपोर्ट के साथ उपस्थित होने के निर्देश भी दिए। बैठक में विभिन्न विभागों ने अपने निर्माण कार्यों की स्थिति प्रस्तुत की। लोक निर्माण विभाग सेतू संभाग ने बताया कि नागदा-खाचरोद रेलवे ओवरब्रिज में सभी स्लैब का काम पूरा हो चुका है। वहीं पंचक्रोशी मार्ग, कालियादेह क्षेत्र, सुरेल-मंडावता-मदगनी-पिपलोदा बागला मार्ग तथा चामला नदी पर पुल निर्माण सहित कई परियोजनाएं प्रगति पर हैं। चंबल नदी पर चिचोडिय़ा क्षेत्र में जलमग्नीय पुल के लिए बोरिंग कार्य जारी है। उज्जैन विकास प्राधिकरण ने सीएम राइज स्कूल घट्टिया, झारड़ा और गीता भवन के निर्माण कार्यों की प्रगति से अवगत कराया। वहीं देवास रोड को नगर विकास योजनाओं से जोडऩे वाले रेलवे ओवरब्रिज के सात पियरों के फाउंडेशन कार्य पूर्ण होने की जानकारी दी गई। कलेक्टर ने सभी विभागों को समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण करने के निर्देश देते हुए कहा कि बारिश के दौरान किसी भी प्रकार की दुर्घटना या जनहानि न हो, इसके लिए सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्रेयांस कूमठ सहित विभिन्न निर्माण एजेंसियों और विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।