
नई दिल्ली। द इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICMAI) के गाजियाबाद चैप्टर ने टीआरडी समिति एवं आयकर विभाग के सहयोग से “टैक्स रिफॉर्म्स 2026 – डायरेक्ट एवं इंडायरेक्ट टैक्सेशन में उभरते अवसर एवं चुनौतियाँ” विषय पर एक भव्य सेमिनार का सफल आयोजन किया। इस कार्यक्रम में कर विशेषज्ञों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, शिक्षाविदों एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा बदलते कर परिदृश्य और पेशेवर अवसरों पर सार्थक विचार-विमर्श किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री संजय कुमार चौरसिया, IRS, अतिरिक्त आयुक्त आयकर, गाजियाबाद रहे। अपने संबोधन में उन्होंने पारदर्शी कर प्रशासन, स्वैच्छिक कर अनुपालन तथा राष्ट्र की आर्थिक प्रगति में कर पेशेवरों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कर विशेषज्ञ देश की कर व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
इस अवसर पर टीआरडी समिति ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि भी हासिल की। समिति ने अपने राष्ट्रव्यापी ज्ञान-विस्तार अभियान के अंतर्गत 22वें व्यावसायिक कार्यक्रम का सफल आयोजन पूर्ण किया, जो पेशेवर विकास एवं कर शिक्षा के प्रति उसकी निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है.
सेमिनार के तकनीकी सत्रों में प्रतिष्ठित विशेषज्ञों ने अपने विचार प्रस्तुत किए:
कार्यक्रम का आयोजन सीएमए शिवम कंसल, अध्यक्ष, गाजियाबाद चैप्टर के गतिशील नेतृत्व में संपन्न हुआ। उनके दूरदर्शी नेतृत्व एवं नवाचारपूर्ण दृष्टिकोण ने चैप्टर की व्यावसायिक गतिविधियों को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
इस आयोजन को सफल बनाने में सीएमए हिमांशु अग्रवाल, सचिव, गाजियाबाद चैप्टर का विशेष योगदान रहा। उनकी सूक्ष्म योजना, प्रभावी समन्वय एवं समर्पित प्रयासों ने कार्यक्रम के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम को सीएमए कैलाश कुमार झा (उपाध्यक्ष), सीएमए प्रवीण रायज़ादा (कोषाध्यक्ष) एवं सीएमए राहुल जैन (अध्यक्ष, प्रोफेशनल डेवलपमेंट समिति) सहित चैप्टर की प्रबंध समिति के सदस्यों एवं स्वयंसेवकों का भी सक्रिय सहयोग प्राप्त हुआ।
अपने संबोधन में सीएमए शिवम कंसल ने कहा कि गाजियाबाद चैप्टर भविष्य में भी ऐसे उच्चस्तरीय तकनीकी कार्यक्रमों का आयोजन करता रहेगा, जो पेशेवरों को बदलते नियामकीय एवं कर वातावरण में सफलता पूर्वक कार्य करने हेतु आवश्यक ज्ञान एवं व्यावहारिक समझ प्रदान करें।
कार्यक्रम का समापन एक संवादात्मक प्रश्नोत्तर सत्र के साथ हुआ, जिसमें प्रतिभागियों ने कॉर्पोरेट कराधान, जीएसटी अनुपालन एवं अन्य जटिल कर विषयों पर विशेषज्ञों से सीधे संवाद किया। प्रतिभागियों ने कार्यक्रम की तकनीकी गुणवत्ता, विशेषज्ञ वक्ताओं की उपयोगिता तथा उत्कृष्ट आयोजन की सराहना की। यह सेमिनार आईसीएमएआई की व्यावसायिक विकास, ज्ञान संवर्धन एवं राष्ट्र निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता को और अधिक सुदृढ़ करने वाला सिद्ध हुआ।
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