
उज्जैन। शहर में एक ओर ट्रैफिक की अराजकता बनी हुई है, वहीं रही सही कसर स्मार्ट सिटी के ट्रेफिक सिग्नल कर रहे हैं। शहर के अधिकांश ट्रेफिक सिग्नल बंद रहते हैं। यह स्थिति आए दिन देखने को मिल रही हैं। फिर भी इस तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
यातायात पुलिस स्मार्ट सिटी कंपनी के साथ मिलकर आए दिन लोगों को लाखों रुपए के चालान रेड लाईट का उल्लंघन करने के नाम पर भेज रही है लेकिन चौराहों पर लगाए गए आधुनिक ट्रेफिक सिग्नल का कोई भरोसा नहीं है। मेंटेनेंस के अभाव में कई ट्रेफिक सिग्नल आए दिन बंद रहते हैं। साथ ही कई सिग्नल का समय ठीक से निर्धारित नहीं किया गया है। इसके चलते मजबूरी में लोग लाल बत्ती वाले सिग्नल का उल्लंघन कर देते हैं। इसके अलावा इन चौराहे पर तो यातायात पुलिस के जवान ही नहीं होते है और ऐसी स्थिति में कतिपय वाहन चालक अपनी मनमर्जी करने से गुरेज नहीं करते है। नियमों का पालन करने वाले वाहन चालकों का कहना है कि वे नियमों का पालन करना चाहते है, लेकिन कतिपय वाहन चालक न हरी लाईट देखते है और न लाल लाईट, कुल मिलाकर ऐसे वाहन चालकों को तो अपना वाहन फर्राटे से आगे निकालने की जल्दी रहती है। नियमों की अवहेलना करने वाले वाहन चालक कई बार दुर्घटनाग्रस्त हो जाते है, फिर भी नियमों को ओर अधिक सख्त करने की दिशा में ध्यान नहीं दिया जा रहा है। वहीं अब स्मार्ट सिग्नलों के मेंटेनेंस को लेकर भी लापरवाही बरती जा रही है। ऐसे में शहर के अधिकांश ट्रेफिक सिग्नल बंद रहते हैं।