
डेस्क: केरलम के प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर से कथित तौर पर साल 2019 में सोना गायब होने का मामला एक बार फिर से तूल पकड़ चुका है. शुक्रवार यानी 26 जून को मामले की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम( SIT) ने मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोटी तकरीबन 8 घंटे लंबी पूछताछ की. फिलहाल, जांच अपने अंतिम चरण में है. संभावना जताई जा रही है कि SIT इस मामले की रिपोर्ट अगले हफ्ते अदालत में सबमिट कर सकती है.
जुलाई 2019 में मंदिर का मैनेजमेंट संभालने वाले त्रावणकोर देवास्वोम बोर्ड (TDB) ने नवीनीकरण ने असिस्टेंट पुजारी उन्नीकृष्णन पोटी को मूर्तियों पर नया सोने का काम (गोल्ड-क्लैडिंग) करवाने के लिए उन्हें बाहर ले जाने की इजाज़त दी थी. दो महीने बाद जब मूर्तियों को वापस लाया गया, तो उनका वजन नहीं किया गया.
विशेष आयुक्त की रिपोर्ट पर कोर्ट सामने जब यह मामला आया, तब जांच कराने पर पता चला कि मूर्तियों के आधार (पेडस्टल) और दरवाज़ों के फ्रेम से भी सोना चोरी हुआ है. इसके अलावा मंदिर के गर्भगृह (श्रीकोविल) और द्वारपालक मूर्तियों की स्वर्ण-मंडित (गोल्ड प्लेटिंग) तांबे की प्लेटों का वजन कम पाया गया. मंदिर से कुल 4.54 किलोग्राम सोना गायब होने की जानकारी सामने आई. कोर्ट ने इस मामले में पिछले साल SIT का गठन भी किया था.
जांच के दौरान SIT ने असिस्टेंट पुजारी उन्नीकृष्णन पोटी को गिरफ्तार किया. त्रावणकोर देवास्वोम बोर्ड ने उन्नीकृष्णन पोटी को ही मंदिर की सोने की परत वाली मूर्तियों और अन्य वस्तुओं की री-प्लेटिंग (दोबारा सोने की परत चढ़ाने) का काम दिया., तीन महीने से ज़्यादा समय तक न्यायिक हिरासत में रहने के बाद पोटी को जमानत मिल गई थी.
मंदिर की इन सोने की परत वाली वस्तुओं को वर्ष 2019 में इलेक्ट्रोप्लेटिंग और पुनर्स्थापन के लिए चेन्नई की एक निजी फर्म को भेजा गया था. जांच एजेंसियों को शक है सोने की परत से सोना इसी दौरान निकाला गया था. अब, SIT रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिससे इस पूरे मामले का खुलासा हो सकेगा.
सबरीमाला मंदिर से सोना गायब होने का खुलासा होने के बाद राज्य में खूब बवाल मचा था. मामले की गंभीरता को देखते हुए केरल हाई कोर्ट ने पिछले वर्ष राज्य सरकार को विशेष जांच दल (SIT) गठित करने का निर्देश दिया था. अब सबकी नजर SIT की अंतिम रिपोर्ट और संभावित चार्जशीट पर टिकी है. इसी के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाया जाएगा.
केरल के सबरीमाला मंदिर के सोने की परत (गोल्ड-प्लेटिंग) घोटाले मामले में विशेष जांच दल (SIT) ने 11 लोगों को आरोपी बनाया है. अब तक इस मामले में SIT ने कई तकनीकी विशेषज्ञों, मंदिर प्रशासन और संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ की है. मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोटी से कई चरणों में पूछताछ की जा चुकी है.SIT ने अदालत यह जानकारी भी दी है कि जांच तकरीबन पूरी हो चुकी है, जल्द ही चार्जशीट दाखिल की जाएगा.
बता दें कि सबरीमाला मंदिर देश के बड़े मंदिरों में से एक हैं. इसके प्रति करोड़ों लोगों की आस्था है. यही वजह है कि करोड़ों श्रद्धालु यहां हर साल दर्शन के लिए पहुंचते हैं. ऐसे मेंमंदिर की संपत्ति, विशेषकर सोने जैसी बहुमूल्य धार्मिक वस्तुओं के कथित गायब होने का मामला न केवल कानूनी बल्कि धार्मिक और प्रशासनिक दष्टि से संवेदनशील है. साथ ही यह लाखों-करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और भरोसे के साथ खिलवाड़ है, जो मंदिरों में सोना या अन्य कीमती वस्तुएं दान करते हैं.
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