
- स्टेशन और कोच में यात्रियों का मोबाइल सबसे आसान निशाना, बैग चोरी दूसरे नंबर पर
उज्जैन। रेलवे में अपराध के कई मामले सामने आते हैं, लेकिन ट्रेनों और स्टेशनों पर सबसे अधिक शिकायतें मोबाइल चोरी की दर्ज हो रही हैं। रेलवे पुलिस के आंकड़ों के अनुसार हर साल 600 से अधिक मोबाइल चोरी के मामले दर्ज होते हैं। इसके अलावा यात्रियों के बैग उड़ाने की घटनाओं में भी लगातार इजाफा हो रहा है।
शहर में हर साल करोड़ों रुपए के मोबाइल चोरी हो जाते हैं। क्राइम ब्रांच द्वारा साल में दो-तीन बार अभियान चलाकर 300 से 400 चोरी हुए मोबाइल ट्रेस कर संबंधित लोगों को लौटाए जाते हैं। यही स्थिति रेलवे क्षेत्र की भी है। रेलवे पुलिस की रेंज पटरी-पटरी तक फैली होने के कारण इसकी सीमा कई जिलों से होते हुए दूसरे राज्यों तक पहुंचती है। ऐसे में चोरी के मामलों की जांच भी चुनौतीपूर्ण हो जाती है। रेलवे पुलिस के अनुसार रेल और स्टेशन परिसरों में सबसे ज्यादा शिकायतें यात्रियों द्वारा मोबाइल चोरी को लेकर की जाती हैं। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि दर्ज मामलों में से आधे से अधिक मोबाइल पुलिस द्वारा बरामद कर लिए जाते हैं, लेकिन शेष मामलों में मोबाइल बंद कर दिए जाने से उन्हें ट्रेस करना मुश्किल हो जाता है। कई बार ऐसा भी होता है कि जिस स्टेशन या ट्रेन में चोरी होती है, यात्रियों को उसकी जानकारी बाद में मिलती है। यात्री जिस स्टेशन पर उतरता है, वहीं चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराता है। इससे मोबाइल की सही लोकेशन ट्रेस नहीं हो पाती और बरामदगी में बाधा आती है। मोबाइल चोरी के बाद दूसरे नंबर पर बैग चोरी की घटनाएं हैं। ट्रेनों में सफर के दौरान यात्रियों के बैग उड़ाने के मामले बढ़े हैं। हालांकि कई मामलों में रेलवे पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए लाखों रुपए के जेवरात और कीमती सामान बरामद कर फरियादियों को सौंपे हैं। रेलवे पुलिस के अनुसार जहरखुरानी की घटनाओं पर अब काफी हद तक अंकुश लग चुका है। पहले जहां इस तरह की घटनाएं अधिक होती थीं, अब इक्का-दुक्का मामले ही सामने आते हैं। अधिकांश बड़े स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जा चुके हैं, जिससे आरोपियों को पकडऩे में मदद मिल रही है। कुछ छोटे स्टेशनों पर जहां कैमरे नहीं लगे हैं, वहां आरपीएफ द्वारा जल्द ही सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं।
आंकड़ों में रेलवे अपराध
- हर साल मोबाइल चोरी के 600 से अधिक मामले
- 50 प्रतिशत से ज्यादा मोबाइल बरामद
- बैग चोरी दूसरे नंबर पर जहरखुरानी के मामले अब बेहद कम
पुलिस की अपील…
- यात्रा के दौरान मोबाइल और बैग पर रखें विशेष ध्यान।
- सोते समय सामान सुरक्षित स्थान पर रखें।
- संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत आरपीएफ/जीआरपी को सूचना दें।