
उज्जैन। घर की छत पर सोलर पैनल लगवाने की योजना बना रहे लोगों के लिए मप्र में नियम बदल गए हैं। अब प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत सब्सिडी का लाभ केवल डीसीआर (डोमेस्टिक कंटेंट रिक्वायरमेंट) यानी भारत में निर्मित सोलर पैनल लगाने पर ही मिलेगा। विदेशों में बने या नॉन-डीसीआर पैनल लगाने वाले उपभोक्ता केंद्रीय सब्सिडी के पात्र नहीं होंगे।
हाल ही में आयोग में इस संबंध में सुनवाई हुई। इसके साथ ही मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने रूफटॉप सोलर उपभोक्ताओं से लिए जाने वाले प्रोसेसिंग, मीटर टेस्टिंग, तकनीकी निरीक्षण समेत करीब 4 हजार रुपए तक का शुल्क समाप्त कर दिया है। इंजीनियरों के अनुसार देश में निर्मित सोलर पैनल लगाने पर 30 हजार से 78 हजार रुपए तक की सब्सिडी मिल सकती है। ऐसे में शुरुआती लागत अधिक होने के बावजूद यह विकल्प फायदेमंद साबित हो सकता है। एक सामान्य परिवार के लिए 3 किलोवॉट तक सोलर सिस्टम पर्याप्त माना जाता है। इससे हर महीने 350 से 450 यूनिट बिजली उत्पादन संभव है। केंद्र सरकार से अधिकतम 78 हजार रुपए तक सब्सिडी मिल सकती है। शुल्क समाप्त होने के बाद 4 हजार रुपए की अतिरिक्त बचत भी होगी। इधर, कुछ लोगों ने आयोग के समक्ष सोलर उपभोक्ताओं पर लगाए जाने वाले फिक्स चार्ज को समाप्त करने और ग्रिड में भेजी जाने वाली अतिरिक्त बिजली की खरीद दर 2.15 रुपए प्रति यूनिट से बढ़ाकर कम से कम 4 रुपए प्रति यूनिट करने की मांग रखी। जिस पर मंथन जारी हैं।
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